
लखनऊ [आनन्द राय]। सूबे की जेलों से रंगदारी वसूली में जुटे माफिया ने कारोबारी, बिल्डर्स, ठेकेदारों और पूंजीपतियों के होश उड़ा दिए हैं। बहुत कम ऐसे लोग हैं जो माफिया के फरमान के बाद पुलिस का दरवाजा खटखटाने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। वरना एक इशारे पर उनके गुर्गो को मुंहमांगी रकम देने में जरा भी देर नहीं लगा रहे हैं।
ठेके-पट्टों में हिस्सेदारी से लेकर छोटी-बड़ी पंचायतें जेलों में हो रही हैं। शनिवार को एसटीएफ ने सुलतानपुर जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी के दो गुर्गो रितुराज और रजनीश को पकड़ा तो एक बार फिर यह सच्चाई सामने आयी। बजरंगी ने नोएडा के एक बिल्डर को विवादित जमीन छोड़ने और सुलतानपुर जेल में आकर मिलने की धमकी दी थी। बजरंगी ने इस अभियान की कमान इन्हीं दोनों को सौंपी थी।
राजनीतिक वरदहस्त के चलते बिल्डर ने तो पुलिस तक जाने की हिम्मत जुटा ली, लेकिन सूबे में जेलों से निकले 'फरमान' के खौफ से बहुतों के कदम ठिठके हैं। इसलिए कि जेलों से हत्या की भी साजिशें हो रही हैं। गाजीपुर के विधायक कृष्णानंद राय से लेकर आजमगढ़ के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह की हत्या की साजिश जेल से ही रची गयी। सर्वेश की हत्या के बाद तो एडीजी अरुण कुमार ने दो टूक कहा कि जेलों से आपराधिक गिरोह संचालित हो रहे हैं। इसकी एक और बानगी देखें। छह अगस्त को राजन नामक एक अपराधी के पकड़े जाने के बाद यह राजफाश हुआ कि गोरखपुर जेल में बंद आजमगढ़ के अपराधी श्याम बाबू ने जहानागंज क्षेत्र के कारोबारी अजय सिंह से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। न देने पर उसके गुर्गे राजन ने अजय की दुकान पर चढ़कर फायरिंग कर दी।
Original Found Here... http://www.jagran.com/news/national-illegal-extortion-in-up-state-jail-10640714.html
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