अपनी तुनकमिजाजी के लिए कुख्यात सूबे के नगर विकास व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां से भारतीय प्रशासनिक व प्रांतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर किनारा करने लगे हैं। आधा दर्जन अधिकारियों ने छुंट्टी के बहाने उनसे छुंट्टी पाई। इनमें चार आइएएस और दो पीसीएस अफसर हैं।
आजम खां की कार्यशैली प्रशासनिक अफसरों की परेशानी का सबब पहले से ही रही है। इस बार भी सवा दो वर्ष के कार्यकाल में नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसर उनसे सामंजस्य नहीं बैठा सके। दो वरिष्ठ आइएएस प्रवीर कुमार व सीबी पालीवाल को तो आजम खां का विभाग छोड़ने की वजह से मंत्री के कोप का शिकार भी होना पड़ा। पालीवाल नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पद पर रहते हुए लंबी छुट्टी पर गए और फिर उन्हें सदस्य राजस्व परिषद जैसे पद पर जाना पड़ा।
आइएएस प्रवीर कुमार को तो आजम खां ने खुद ही अल्पसंख्यक विरोधी घोषित कर दिया था। तब प्रवीर नगर विकास से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर तैनात किए गए थे। कमोबेश ऐसी ही मुश्किलों की वजह से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव देवेश चतुर्वेदी को लंबी छुट्टी का रास्ता अपनाना पड़ा। चतुर्वेदी को नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पद पर तैनाती दी गई। अब वरिष्ठ पीसीएस और अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक अबरार अहमद लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। इससे पहले अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय में संयुक्त निदेशक और अल्पसंख्यक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक पद पर तैनात रहे राकेश मिश्रा को भी मंत्री के विभाग से किनारा करना पड़ा था। नगर विकास विभाग में विशेष सचिव पद पर रहते हुए विष्णु स्वरूप मिश्रा ने भी आजम के विभाग से अपना पीछा छुड़ा लिया था।
मुलायम से मिलेंगे आजम से नाराज शिया उलमा
वक्फ संपत्ति मामले पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद के बीच टकराव जारी है। आजम के आये दिन बयानों से शिया समुदाय में सपा सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। आज शिया उलमा का एक प्रतिनिधिमंडल सपा प्रमुख मुलायम सिंह से मुलाकात कर नाराजगी जताने की योजना बना रहा है। मौलाना कल्बे जवाद ने मुलायम से होने वाली इस मुलाकात के संकेत दिए हैं। आजम खां के बयान पर मौलाना कल्बे जवाद ने कहा आजम खां सपा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वह शिया-सुन्नी फसाद कराना चाहते हैं। आजम खां ने सिर्फ शिया ही नहीं बल्कि सुन्नी उलमा के खिलाफ भी लगातार जहर उगलने का काम किया है। मौलाना ने 23 अगस्त को राजधानी में महारैली का एलान किया है। इस रैली में सभी धर्मो के लोग शामिल होंगे। वहीं, आजम खां की बयानबाजी के खिलाफ रुस्तम नगर के दरगाह हजरत अब्बास में एक जलसा हुआ। कई शिया अंजुमन के पदाधिकारियों ने कल्बे जवाद के खिलाफ बयान बंद न होने पर सड़कों पर उतरने का एलान किया।
आजम खां की कार्यशैली प्रशासनिक अफसरों की परेशानी का सबब पहले से ही रही है। इस बार भी सवा दो वर्ष के कार्यकाल में नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसर उनसे सामंजस्य नहीं बैठा सके। दो वरिष्ठ आइएएस प्रवीर कुमार व सीबी पालीवाल को तो आजम खां का विभाग छोड़ने की वजह से मंत्री के कोप का शिकार भी होना पड़ा। पालीवाल नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पद पर रहते हुए लंबी छुट्टी पर गए और फिर उन्हें सदस्य राजस्व परिषद जैसे पद पर जाना पड़ा।
आइएएस प्रवीर कुमार को तो आजम खां ने खुद ही अल्पसंख्यक विरोधी घोषित कर दिया था। तब प्रवीर नगर विकास से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर तैनात किए गए थे। कमोबेश ऐसी ही मुश्किलों की वजह से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव देवेश चतुर्वेदी को लंबी छुट्टी का रास्ता अपनाना पड़ा। चतुर्वेदी को नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पद पर तैनाती दी गई। अब वरिष्ठ पीसीएस और अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक अबरार अहमद लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। इससे पहले अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय में संयुक्त निदेशक और अल्पसंख्यक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक पद पर तैनात रहे राकेश मिश्रा को भी मंत्री के विभाग से किनारा करना पड़ा था। नगर विकास विभाग में विशेष सचिव पद पर रहते हुए विष्णु स्वरूप मिश्रा ने भी आजम के विभाग से अपना पीछा छुड़ा लिया था।
मुलायम से मिलेंगे आजम से नाराज शिया उलमा
वक्फ संपत्ति मामले पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद के बीच टकराव जारी है। आजम के आये दिन बयानों से शिया समुदाय में सपा सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। आज शिया उलमा का एक प्रतिनिधिमंडल सपा प्रमुख मुलायम सिंह से मुलाकात कर नाराजगी जताने की योजना बना रहा है। मौलाना कल्बे जवाद ने मुलायम से होने वाली इस मुलाकात के संकेत दिए हैं। आजम खां के बयान पर मौलाना कल्बे जवाद ने कहा आजम खां सपा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वह शिया-सुन्नी फसाद कराना चाहते हैं। आजम खां ने सिर्फ शिया ही नहीं बल्कि सुन्नी उलमा के खिलाफ भी लगातार जहर उगलने का काम किया है। मौलाना ने 23 अगस्त को राजधानी में महारैली का एलान किया है। इस रैली में सभी धर्मो के लोग शामिल होंगे। वहीं, आजम खां की बयानबाजी के खिलाफ रुस्तम नगर के दरगाह हजरत अब्बास में एक जलसा हुआ। कई शिया अंजुमन के पदाधिकारियों ने कल्बे जवाद के खिलाफ बयान बंद न होने पर सड़कों पर उतरने का एलान किया।
Source: Newspaper
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