विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी. सतशिवम ने शनिवार को केरल के राज्यपाल के पद की शपथ ली। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अशोक भूषण राजभवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति का विपक्षी दलों के अलावा न्यायिक हलकों में काफी विरोध हुआ। तमाम विरोधों के बावजूद केंद्र सरकार ने उन्हें केरल का नया राज्यपाल नियुक्त कर दिया था। वह शीला दीक्षित की जगह केरल के राज्यपाल बनाए गए हैं।
जस्टिस सतशिवम के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ओमन चांडी अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ उपस्थित थे। पहली बार भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को राज्यपाल बनाने से कानूनी व राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई थी।
कांग्रेस के अलावा दूसरे दलों ने उनकी नियुक्ति पर सवाल खड़े किए थे। पिछले सप्ताह शीला दीक्षित के इस्तीफा देने के कारण केरल में राज्यपाल का पद खाली हुआ था। केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद संप्रग सरकार द्वारा नियुक्त किए गए कई राज्यपाल अब तक अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सतशिवम को राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने उनकी नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में सतशिवम की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए इसको संविधान की धारा 124 [7] का उल्लंघन बताया है। याचिकाकर्ता ने इस बाबत कैग के एक फैसले का भी उल्लेख किया है।
राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति का विपक्षी दलों के अलावा न्यायिक हलकों में काफी विरोध हुआ। तमाम विरोधों के बावजूद केंद्र सरकार ने उन्हें केरल का नया राज्यपाल नियुक्त कर दिया था। वह शीला दीक्षित की जगह केरल के राज्यपाल बनाए गए हैं।
जस्टिस सतशिवम के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ओमन चांडी अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ उपस्थित थे। पहली बार भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को राज्यपाल बनाने से कानूनी व राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई थी।
कांग्रेस के अलावा दूसरे दलों ने उनकी नियुक्ति पर सवाल खड़े किए थे। पिछले सप्ताह शीला दीक्षित के इस्तीफा देने के कारण केरल में राज्यपाल का पद खाली हुआ था। केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद संप्रग सरकार द्वारा नियुक्त किए गए कई राज्यपाल अब तक अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सतशिवम को राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने उनकी नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में सतशिवम की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए इसको संविधान की धारा 124 [7] का उल्लंघन बताया है। याचिकाकर्ता ने इस बाबत कैग के एक फैसले का भी उल्लेख किया है।
Source: News in Hindi and Newspaper
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