नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भाजपा का चेहरा बने नरेंद्र मोदी गुजरात की धरती से निकलकर धीरे-धीरे पूरे देश में अपनी जमीन तैयार करने लगे हैं। इसी क्रम में रविवार को मोदी ने हैदराबाद में 'नवभारत युवाभेरी' के जरिए नौजवानों को संबोधित किया और कांग्रेसनीत केंद्र सरकार की नाकामियों को गिनाते हुए भविष्य का एक सपना भी दिखाया। देश में शासन, प्रशासन और विकास का मंत्र दिया, तो राजनीतिक लिहाज से पूरी भाजपा और नेतृत्व को एकजुटता में बांधते हुए राजग विस्तार का खाका बनाने की भी कोशिश की। और, अंत में 'यस वी कैन, यस वी विल डू', 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों में रैली में जुटे करीब एक लाख नौजवानों का सुर जोड़कर मिशन-2014 के लिए रणभेरी बजा दी।
तेलुगु से अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मोदी ने भाषण में हर पहलू को छुआ और 'कांग्रेस मुक्त' भारत का नारा दिया। सीमांध्र और प्रस्तावित तेलंगाना की संयुक्त राजधानी हैदराबाद से खुद को जोड़ते हुए उन्होंने देश के नेतृत्व पर सवाल खड़ा किया। केंद्र की विदेश व रक्षा नीति से लेकर आर्थिक नीति को कठघरे में खड़ा किया और सरकार की अपनी कल्पना सामने रख दी। पाकिस्तान और चीन के सामने लगातार लाचार दिखती रही सरकार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, सरकार का एक ही मजहब होता है वह है 'इंडिया फर्स्ट' और एक ही धर्मग्रंथ होता है और वह है 'भारत का संविधान'। लेकिन, वर्तमान भारत सरकार के लिए वोट बैंक की राजनीति सबसे ऊपर है।
Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-congress-burden-to-the-country-10640592.html
0 comments:
Post a Comment