भूपेन पटेल [मिड-डे] मुंबई। क्रिकेट को धर्म का दर्जा देने वाले देश को झकझोर कर रख देने वाले आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग का खुलासा किसी छुटभैये सट्टेबाज नहीं बल्कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के फोन से ही हुआ था। यह कॉल सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसीज के प्रयासों से इंटरसेप्ट (अलग करना) की गई थी। उसी कॉल से यह पता चला कि पाकिस्तान में डी कंपनी का सट्टेबाजी सिंडीकेट उसके विश्वस्त डॉ. जावेद चुटानी, सलमान और एहतेशाम चला रहे हैं।
यह सिंडीकेट तीन स्तर पर फैला हुआ था। पहले स्तर में दाऊद, छोटा शकील, चुटानी, रमेश व्यास, फिरोज, जितेंद्र जैन तथा चंद्रेश जैन उर्फ जुपिटर शामिल थे। दूसरे में सुनील भाटिया, चंद्रेश पटेल और मनन भंट्ट जैसे सट्टेबाज थे, जबकि तीसरे स्तर में अमित कुमार, मनीष गुड्डेवार तथा बाबू राव यादव जैसे फिक्सर व खिलाड़ी शामिल थे, जो चंदीला, श्रीसंत जैसे खिलाड़ियों को सुविधाएं देकर मैदान पर स्पॉट फिक्सिंग को अंजाम देते थे।
पाकिस्तानी सिंडीकेट दिल्ली, नागपुर, गुजरात, जयपुर, हैदराबाद, कोलकाता और अन्य जगहों पर काम कर रहे बुकीज के संपर्क में था। ये बुकीज फिक्सरों और स्थानीय क्रिकेटरों की मदद से अपने सट्टेबाजी सिंडीकेट के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को फिक्स करते थे।
Original Found Here... http://www.jagran.com/cricket/headlines-dawood-phone-call-open-match-fixing-scandal-10639694.html
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