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Tuesday, January 27, 2015

History will judge former Prime Minister kindly: Omar Abdullah

"Obama - 'Millions have been lifted out of poverty in recent years'. Dr Manmohan Singh is right - history will judge him more kindly," Omar wrote on microblogging site twitter.com soon after US President's address at the Siri Fort Auditorium in the Union capital.

When India and the United States agreed upon operationalising the nuke deal, Omar, whose National
Conference was part of the UPA-II led by Singh, had said "I wonder if Dr Manmohan Singh is sitting back feeling vindicated today or watching the proceedings disappointed about what could have been!".

Thursday, October 31, 2013

Modi to lay foundation stone of Sardar Patel statue today


Sardar Patel

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आजाद भारत के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा का भरूच में शिलान्यास किया। इस मौके पर उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी साथ थे। अपने भाषण में मोदी ने कहा कि पटेल किसी पार्टी के नहीं थे बल्कि देश की धरोहर थे। उन्होंने सरदार सरोवर बांध का काम पूरा न होने के लिए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इस बांध का काफी हद तक काम पूरा हो चुका है लेकिन इस बांध पर गेट न लगने से इसकी शुरुआत नहीं हो सकी है। इस मौके पर आडवाणी ने कहा कि यदि पटेल न होते तो देश टुकड़े-टुकड़े हो जाता। 

इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने पीएम मनमोहन सिंह की उनके उस बयान के लिए प्रशंसा की जिसमें उन्होंने सरदार पटेल को सेक्यूलर बताया था। मोदी ने कहा कि आज देश को वोट बैंक की राजनीति से निजात दिलाने की जरूरत है। उन्होंने भारत की सांझी विरासत को संजोने और इसको नष्ट न होने देने के लिए आहवान किया। मोदी ने मंच से केंद्र पर निशाना साधा कि इस बार पहली बार ऐसा हुआ है कि केंद्र सरकार में आज के दिन सरदार पटेल को याद किया गया है। पटेल के इस स्मारक में एक डिजिटल व‌र्ल्ड होगा जिसमें सात लाख गांव का ब्यौरा दर्ज होगा। 

उन्होंने आने वाली पीढी को इतिहास को जानने और समझने का भी आहवान किया। मोदी ने कहा कि इतिहास से विमुख होकर हमने अपने समाज को टूटने नहीं देना है। मोदी ने कहा कि जब उन्होंने महात्मा गांधी का मंदिर बनाया तो किसी ने आकर उनसे सवाल नहीं किया, लेकिन अब जब सरदार पटेल की मूर्ति की बात हुई तो कहा जा रहा है कि मोदी भाजपा से हैं और सरदार पटेल कांग्रेसी थे। उन्होंने कहा कि यह मूर्ति देश की एकता का प्रतीक है, क्योंकि यह मूर्ति देश के घरों से मिले लोहे से तैयार होगी। 

सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा को मोदी की महत्वाकांक्षी योजना माना जा रहा है। इसका नाम स्टेच्यू ऑफ यूनिटी रखा गया है। लोहे की इस विशाल प्रतिमा के लिए ठेका बुर्ज खलीफा बनाने वाली कंपनी को दिया गया है। इस मूर्ति के लिए पहले ही गुजरात सरकार सौ करोड़ रुपये पास कर चुकी है। 182 मीटर ऊंची यह मूर्ति बनने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति होगी। यह स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुना बड़ी होगी। आज सरदार पटेल का जन्मदिन भी है।
182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के करीब साधु बेत पर बननी है। निर्माण के बाद दुनिया की यह सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। मोदी ने इस प्रतिमा के लिए किसानों से लोहा दान करने की अपील की है। गुरुवार को ही मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। यह अमेरिका की मशहूर स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुना ऊंची होगी।

मूर्ति का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में ही 2000 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। चीन की 153 मीटर ऊंची स्प्रिंग टेंपल बुद्धा मूर्ति इसकी नजदीकी प्रतिद्वंद्वी होगी। इस बीच स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखे जाने से पहले मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, इस साल सरदार पटेल की जयंती ज्यादा खास होगी क्योंकि हम स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखने जा रहे हैं। भारत के लौह पुरुष के सम्मान में बनाई गई यह मूर्ति 182 मीटर की होगी और दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में होगी।

Source: News in Hindi

Wednesday, October 30, 2013

Democracy not an excuse to hinder India-China ties: think tank


Democracy

बीजिंग। भारत को अपनी घरेलू और राजनीतिक बाधाओं से पार पाना होगा। उसे अपने लोकतंत्र को चीन के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हाल की चीन यात्रा के बाद अपनी पहली टिप्पणी में एक आधिकारिक थिंक टैंक ने यह बात कही है। 

शंघाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के रिसर्च फेलो लियू जेंगयी द्वारा लिखे लेख में कहा गया है कि भारतीय मीडिया ने भारत और चीन के बीच के सीमा रक्षा सहयोग समझौते की सराहना की है। भारतीय मीडिया ने इसे भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के बाद सबसे महत्वपूर्ण और स्थायी राजनयिक उपलब्धि बताया है। 'डोमेस्टिक ऑब्सटेकल्स कीप डेल्ही फ्रॉम रियलिस्टिक इकोनॉमिक च्वाइसेस' शीर्षक वाले लेख में कहा गया है कि हाल की चीन यात्रा में सिंह ने व्यापार असंतुलन और चीन-पाकिस्तान संबंधों का मुद्दा भी उठाया। यह लेख मंगलवार को सरकारी ग्लोबल टाइम्स अखबार में प्रकाशित हुआ है। इसमें कहा गया है कि क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए भारत में औद्योगिक पार्क और बांग्लादेश, चीन, भारत, म्यांमार (बीसीआइएम) इकोनामिक कोरिडोर को बनाने की चीन की योजना को पूरा नहीं किया गया। भारत में विदेशी निवेश के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के रुख और सार्वजनिक विरोध को घरेलू बाधा बताया गया है। 

चीन ने पहली परमाणु पनडुब्बी सेवा से हटाई
परमाणु पनडुब्बी के बेड़े के पहले प्रदर्शन के बीच चीन ने अपनी पहली परमाणु पनडुब्बी को सेवा से हटा दिया है। यह पनडुब्बी पिछले 40 वर्षो से अधिक समय से सेवा में थी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी डेली की मंगलवार की रिपोर्ट में कहा गया है कि द लांग मार्च नंबर-एक परमाणु पनडुब्बी को सेवा से हटा दिया गया है और वैज्ञानिकों ने उस गोदाम को प्रदूषण मुक्त कर दिया है जिसमें कि पिछले 40 वर्षो से परमाणु सामग्री रखी हुई थी।

 Source: News in Hindi

Tuesday, August 6, 2013

India Will Take Harsh Action Against Pakistan

नई दिल्ली। संघर्षविराम का उल्लंघन कर पाक सेना ने एक बार फिर भारतीय सीमा पर हमला बोला है। पाक के इस दुस्साहस का करारा जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा नेताओं के साथ बैठक करने का फैसला किया है।

बुधवार शाम 4:30 बजे बुलाई गई इस बैठक में केंद्र पाक की इस नापाक हरकत पर कड़े कदम उठाए जाए पर चर्चा करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और लालकृष्ण आडवाणी शामिल हो सकते हैं।

बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में हुए पाक हमलों की चौतरफा निंदा हो रही है। इस हमले में भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए हैं। पूरा देश इसी आग में जल रहा है कि आखिर भारत ऐसे हमले बर्दास्त क्यों कर रहा है, क्यों चुप बैठा है। अब और सहा नहीं जाएगा। भारत को पाक के खिलाफ कड़ा कदम उठाना ही होगा।

Wednesday, July 31, 2013

तेलंगाना पर कांग्रेस में इस्तीफों का दौर, कैबिनेट की बैठक टली

Telangana, Andhra Pradesh, Telangana Capital
नई दिल्ली। पृथक तेलंगाना का रास्ता साफ होने से जहां एक तबका काफी खुश है, तो दूसरा धड़ा खासा नाराज है। फैसले की घोषणा के बाद जहां दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन में लड्डू बांटने और जय तेलंगाना की गूंज के बीच जश्न का माहौल देखा गया। वहीं, दूसरी ओर इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के एक सांसद और सीमांध्र के तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एन तुलसी रेड्डी ने विरोध जताते हुए इस्तीफा दे दिया। उधर, तेलंगाना राज्य के गठन पर मुहर लगाने के लिए पीएम आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की आज होने वाली बैठक टल गई है।
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