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Tuesday, October 29, 2013

Rs 20 to 25 Cheaper Onion In UP


Onion Cheaper In UP

लखनऊ(जागरण ब्यूरो)। कर्मचारी कल्याण निगम उत्तर प्रदेश ने महंगाई पर सवार होकर ऊंची छलांग लगाने वाले प्याज को जमीन पर उतारने की कवायद तेज कर दी है। सरकार की कोशिश है कि लोगों को वाजिब दाम में प्याज मुहैया कराया जाए। कल उप्र कर्मचारी कल्याण निगम ने सभी डिपो प्रभारियों को प्याज बेचने का आदेश जारी कर दिया।

कर्मचारी कल्याण निगम सभी जिलों के कलेक्ट्रेट परिसर के अलावा अन्य डिपो पर प्याज बेचेगा। उम्मीद है कि आज से कल तक निगम के सभी डिपो पर लोगों को 45 से 47 रुपये प्रति किलो में प्याज उपलब्ध होगा। ऐसे में कीमत बाजार से करीब 20 से 25 रुपये सस्ता होने की उम्मीद है। हालांकि निगम को कीमत और कम होने का अनुमान है। लखनऊ में निगम ने 35 जगह और प्रदेश में 160 डिपो पर प्याज बेचने का निर्णय किया है।

निगम के उप निदेशक नाम प्रकाश श्रीवास्तव ने डिपो प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे स्थानीय थोक मंडियों से प्याज खरीद कर बेचेंगे। निगम थोक मंडी से की गई खरीद के अलावा लोगों से दो रुपये प्रति किलो अतिरिक्त शुल्क लेकर प्याज मुहैया कराएगा। शुल्क ओवरहेड चार्जेज यानी निगम अपना खर्च निकालने के लिए वसूल करेगा। उल्लेखनीय है वर्तमान में गोरखपुर व इलाहाबाद जिलाधिकारी की पहल पर निगम 55 रुपये प्रति किलो की दर प्याज बेच रहा। निगम ने डिपो प्रभारियों को सचल वाहनों के माध्यम से भी प्याज बेचने का निर्देश दिया है।

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प्याज बिक्री केंद्र
- लखनऊ : जवाहर भवन, कल्याण भवन, स्वास्थ्य भवन, कलेक्ट्रेट परिसर, हाईकोर्ट, इंदिरा भवन, सिविल कोर्ट, मेडिकल कॉलेज, पीडब्ल्यूडी भवन, कृषि भवन, यूपीएसआरटीसी भवन, पीसीएफ भवन, उद्यान भवन, एसजीपीजीआई, फैमिली बाजार-1, फैमिली बाजार-2, राजस्व परिषद परिसर, सचिवालय परिसर, राजभवन कॉलोनी, परिकल्प भवन, रोजगार भवन, बापू भवन, सूचना निदेशालय, योजना भवन, ट्रैफिक पुलिस, गवर्नमेंट प्रेस, आयुर्वेद कॉलेज, बेसिक शिक्षा निदेशालय, आईआईटी, पुलिस लाइन, पशुपालन निधि, 35 बी लाइन पीएसी, यूनिवर्सिटी, विकास भवन, एफएटीआई, सीएसआई कॉम्पलेक्स और मंडी भवन डिपो पर प्याज बेचने तैयारी है।
- आगरा : कलेक्ट्रेट परिसर, सिविल कोर्ट, पुलिस लाइन, मेडिकल कॉलेज, पीएसी और विकास भवन।
- इलाहाबाद : हाईकोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट, मेडिकल कॉलेज, पीडब्ल्यूडी परिसर, लोक सेवा आयोग और गवर्नमेंट प्रेस।
- बरेली : पुलिस लाइन, कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल और विकास भवन।
- गोरखपुर : कलेक्ट्रेट, मेडिकल कॉलेज, पुलिस लाइन और सिविल कोर्ट ।
- झांसी : कमांड ऑफिस, मेडिकल कॉलेज और कलेक्ट्रेट परिसर।
- कानपुर : लैब कॉमर्शियल ऑफिस, सेंट्रल वर्कशॉप, एचबीटीआई, मेडिकल कॉलेज, कलेक्ट्रेट, निदेशक तकनीकी शिक्षा कार्यालय, वाणिज्यकर कार्यालय और लोअर गंगा कैनाल ऑफिस।
- मेरठ : कलेक्ट्रेट और मेडिकल कॉलेज परिसर।
- गाजियाबाद : कलेक्ट्रेट, पुलिस लाइन, तहसील हापुड़, तहसील सदर
- मुरादाबाद : कलेक्ट्रेट, तहसील सदर, एसपीएफ और पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज।
- मुजफ्फरनगर : कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला अस्पताल, तहसील शामली।
- वाराणसी : कलेक्ट्रेट, पीडब्ल्यूडी ऑफिस, वरूणा सिंचाई कार्यालय, पुलिस लाइन और फैमिली बाजार-3।

 Source- News in Hindi

Wednesday, September 25, 2013

News in Hindi: Jammu Kashmir never merged with India: Omar



Jammu Kashmir

जम्मू [जागरण ब्यूरो]। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि विशेष दर्जे वाले जम्मू-कश्मीर का भारत से विलय संपूर्ण नहीं है। चार शर्तो के साथ राज्य का देश से विलय जरूर हुआ था, लेकिन अन्य प्रदेशों की तरह वह पूर्ण रूप से देश से नहीं जुड़ पाया। यही कारण है कि राज्य का अपना अलग संविधान और ध्वज है।

श्रीनगर में बुधवार को एक बैठक के दौरान यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में शामिल विभिन्न देशों के राजदूतों से बातचीत में उमर ने कहा कि जिन चार शर्तो पर विलय हुआ था वे मुद्रा, संचार, विदेशी मामले व सुरक्षा हैं। यूरोपियन प्रतिनिधिमंडल इन दिनों कश्मीर के हालात का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर है। उमर ने कहा राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली समस्याओं का हल राजनीतिक फ्रेमवर्क में संभव है। पैसे से या जोर जबरदस्ती से समाधान नहीं होगा। कश्मीर समस्या वर्ष 1990 में आतंकवाद के साथ नहीं बल्कि विभाजन के समय शुरू हुई थी, जब जम्मू-कश्मीर को छोड़ अन्य सभी राज्यों का फैसला कर दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान के लिए जरूरी है कि इसके आंतरिक व बाहरी पहलुओं को देखते हुए केंद्र सरकार, अलगाववादियों व भारत-पाकिस्तान में बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो।

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Wednesday, September 4, 2013

Asaram Used Code Words To Meet Women


Asaram Bapu

नई दिल्ली। आसाराम और उनके वफादारों पर जैसे जैसे शिकंजा कसता जा रहा है वैसे ही रोज नए-नए राज खुलते जा रहे हैं। जब पुलिस ने आसाराम के खास सेवक शिवा से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कई राज खोले। सेवादार शिवा ने बताया कि आसाराम लड़कियों से अकेले में ही मिलते थे।
नाबालिग लड़की से यौन शोषण के आरोप में जोधपुर जेल की सलाखों के पीछे दिन गुजार रहे आसाराम के वफादार शिवा ने कुछ और राज खोले हैं। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक उसने पुलिस को बताया कि आसाराम महिलाओं से मिलने के लिए खास नाम का इस्तेमाल करते थे जैसे 'ध्यान की कुटिया' वगैरह। उसने इस बात का भी खुलासा किया है कि वह घटना के दिन शिल्पी के संपर्क में था। फोन रिकॉर्ड के मुताबिक घटना वाले दिन शिल्पी आसाराम और पीड़ित परिवार से लगातार संपर्क में थी। गौरतलब है कि शिल्पी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
शिवा ने पुलिस को बताया कि वह पीड़ित लड़की को रेलवे स्टेशन से आश्रम तक पहुंचाया था। उसने यह भी कहा कि असाराम अक्सर रात में महिलाओं से मिला करते थे। पुलिस को शिवा के जरिए एकांतवास की कुछ सीडी मिलने की उम्मीद है। शिवा फिलहाल तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है। 

कहा तो यहां तक जा रहा है कि शिवा रात के समय उस कुटिया के बाहर चौकीदारी करता था, जिसमें आसाराम महिलाओं के साथ मौजूद होते थे। इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि वॉर्डन शिल्पी नियमित रूप से छात्राओं एवं अन्य महिलाओं को आसाराम के पास भेजती थी। खुद शिल्पी के कई वर्षो तक आसाराम के साथ संबंध रहे हैं। 

Original.. http://www.jagran.com/news/national-asaram-used-code-words-to-meet-women-10700316.html

Tuesday, September 3, 2013

Governor returns Gujarat Lokayukta Aayog Bill 2013


Governor returns

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी और राज्यपाल के बीच जारी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल कमला बेनीवाल के बीच फिर ठन गई है। सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल कमला बेनीवाल ने संशोधित लोकायुक्त बिल पुनर्विचार के लिए फिर से भेज दिया है।

नरेंद्र मोदी सरकार ने आरए मेहता के मामले में चीफ जस्टिस के साथ टकराव के बाद कोर्ट में हार होने पर बिल के प्रावधान में ही संशोधन किया था। संशोधित बिल में लोकायुक्त के चयन में मुख्यमंत्री को ही ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। गौरतलब है कि इसके बाद मेहता ने लोकायुक्त बनने से इन्कार कर दिया था। 

उधर, राज्य सरकार के प्रवक्ता नितिन पटेल ने कहा कि राज्यपाल ने गुजरात लोकायुक्त बिल 2013 को मंजूरी नहीं दी है। यह विधेयक इस साल अप्रैल में राज्य विधानसभा से पारित हुआ था। राज्यपाल ने समीक्षा के लिए इसे सरकार के पास भेजा है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने लोकायुक्त की नियुक्ति में राज्यपाल को ज्यादा अधिकार देने को लेकर इस बिल को वापस सरकार के पास पुनर्विचार के लिए भेजा है।

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-governor-returns-gujarat-lokayukta-aayog-bill2013-10695157.html

Monday, September 2, 2013

Air India starts Delhi Sydney flight after 22 years


Air India
नई दिल्ली। आखिरकार 22 साल के लंबे अंतराल के बाद एयर इंडिया ने सिडनी और मेलबर्न के बीच रोजाना सीधी उड़ान शुरू कर दी। अब भारत से ऑस्ट्रेलिया की बीच सीधा संपर्क जुड़ गया है। इस विमान में 60 से अधिक घरेलू ट्रांसफर यात्री और 40 अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री सवार थे जिसमें से 20 से अधिक लंदन से थे।

इस विमान सेवा के साथ ही दिल्ली दक्षिण एशिया के प्रमुख हवाई अड्डा केंद्र के तौर उभरा है जो यूरोप-ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रों में यात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा की पेशकश करता है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के सीईओ प्रभाकरण राव ने कहा कि इस विमान सेवा का लंबे समय से इंतजार था और अब एयर इंडिया ने न सिर्फ दो देशों को बल्कि दो महाद्वीपों को एक साथ जोड़ा है। राव ने कहा कि सिडनी हमारे लिए शिर्ष गंतव्यों में से एक है, जिसके साथ संपर्क साधना जरूरी था। हमें उम्मीद है कि इस मार्केट में तेजी से इजाफा होगा। एयर इंडिया की रोजना सीधी सेवा बोइंग 787-800 ड्रीमलाइनर से होगी जिसमें कुल 256 यात्री सफर कर सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले साल दिल्ली से वाया एशिया होते हुए 1.40 लाख यात्रियों ने सिडनी तक सफर किया था। इसकी वजह यह भी कि आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में करीब 2.17 लाख भारतीय रहते हैं। 

Original Found Here... www.jagran.com/news/business-air-india-starts-delhi-sydney-flight-after-22-years-10684185.html
 

Thursday, August 29, 2013

UP And Bihar Flood Situation Worsens


UP and Bihar

नई दिल्ली (New Delhi)। उत्तर प्रदेश सहित बिहार के कई हिस्से बाढ़ (Bihar Flood) की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण इलाहाबाद से बलिया तक पूर्वाचल का पूरा इलाका गंभीर रूप से प्रभावित है। प्रदेश की प्रमुख नदिया लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। गंगा, यमुना और घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पानी के तटबंधों के टूटने के कारण सैंकड़ों घर पानी में डूब गए हैं। उधर, बिहार के भी कई हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं। पटना में बाढ़ की आशंका गहरी हो गई है। यदि आधा मीटर पानी बढ़ा तो पटना में हालात और बिगड़ जाएंगे।

जल संसाधन विभाग के आंकड़े कह रहे हैं कि गंगा का जलस्तर अभी पिछले आठ वर्ष का रिकार्ड तोड़ गया है। पटना में गंगा के जलस्तर में अगर आधा मीटर की बढ़ोतरी हो गयी तो राजधानी को परेशानी होगी। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वैसे गंगा का जलस्तर अभी स्थिर है। इलाहाबाद और बक्सर में जलस्तर में कमी दर्ज की गयी है पर घाघरा और गंडक के जलस्तर के कारण दिक्कत हो रही है। 

इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Ministar Nitish Kumar) ने बुधवार की दोपहर पटना में गंगा तटवर्ती इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण बाद मुख्यमंत्री ने स्टेट हैंगर स्थित कक्ष में ही अफसरों के साथ इस बात पर विमर्श किया कि सिवरेज, नालों, घाटों व अन्य इलाकों से किस माध्यम से गंगा का पानी पटना में प्रवेश कर सकता है। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्य के संबंध में अफसरों को निर्देश दिए। 

जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार से विभाग व अन्य संबंधित महकमों की टीम संयुक्त रूप से नाव से तटीय इलाकों की पेट्रोलिंग करेगी। इसके लिए तीन-चार टीम बनायी गयी है। जिन जगहों पर थोड़ी दिक्कत है वहां बालू की बोरियों को जमा कर लिया गया है। अन्य एहतियात भी बरते जा रहे हैं। राजधानी क्षेत्र में बुधवार को भी गंगा के जलस्तर में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वृद्धि 1975 में आई बाढ़ के लगभग बराबर पहुंच चुकी है।

परेशानी इस बात को लेकर भी है कि पुनपुन नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बुधवार की सुबह श्रीपालपुर में पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर नीचे था। गुरुवार को सुबह आठ बजे तक 12 सेंटीमीटर बढ़ोतरी की संभावना है। गंडक के जलस्तर में भी वृद्धि की संभावना है।

ग्रामीण क्षेत्रों से मिली सूचना के अनुसार सारण में पिपरा और मरहा नदी का बांध टूटने से दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। दिघवारा नगर पंचायत की कई वार्डो में पानी घुस गया है। गोपालगंज में भी 21 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बेगूसराय (Begusarai) में हाथीदह व मुंगेर की स्थिति गंभीर बनी है। आरा-बक्सर एन.एच.-84 पर पानी चढ़ गया है। इससे यूपी से संपर्क कट गया है। शहर के दर्जनभर मुहल्लों में भी पानी घुस गया है। बक्सर के सुरक्षित माने जाने इलाकों को भी अलर्ट जारी किया गया है। 

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-up-and-bihar-flood-situation-worsens-10681767.html

Wednesday, August 21, 2013

Our Destiny is Been Written in Stars


Destiny

मूल रूप से बंगाल की रहने वाली सुमन नाथवानी अपने हौसले से यहां तक पहुंची हैं। बहुत कम उम्र से ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था, जबकि उनके पिता को उनका काम करना बिल्कुल पसंद नहीं था। मां को अपनी प्रेरणा मानने वाली सुमन नाथवानी अपने बच्चों और डॉग ब्राउनी के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। इसके साथ ही वह कैंसर रोगियों के लिए काउंसलिंग भी करती हैं। उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश
अपने बारे में बताएं?

मैं मारवाड़ी परिवार से हूं। मेरे पिता व्यवसायी हैं और मां हाउसवाइफ। हम दो बहन और एक भाई हैं। जन्म से लेकर पढ़ाई-लिखाई कोलकाता में हुई है।

आप इस प्रोफेशन में कैसे आईं?
बचपन से ही मैं कुछ करना चाहती थी। शुरू से ही मुझे कपड़ों, ब्यूटी और आर्ट में बहुत इंटरेस्ट था। यही वजह है कि मैं इस प्रोफेशन में आई। मेरा मानना है कि जो आपके नसीब में लिखा है, वही होता है।

एक डिजाइनर के तौर पर आपने स्लीपवियर को ही क्यों चुना?
मैं अधिकतर देखती थी कि लोग कपड़ों पर तो ध्यान देते हैं, मगर स्लीपवियर के प्रति किसी का ध्यान नहीं जाता है। लोग सोचते हैं कि घर के अंदर ही तो रहना है। कुछ भी पहन लेते हैं। जब मैंने काम शुरू किया उस समय इस क्षेत्र में कोई प्रोफेशनल डिजाइनर नहीं था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने इस प्रोफेशन को अपनाया। मैं देश की पहली स्लीपवियर व स्विमवियर डिजाइनर हूं।

अपनी पहचान बनाने में आपको कितनी मशक्कत करनी पड़ी?
जब मैंने काम शुरू किया था तो लोग कहते थे कि यह क्या कर रही हैं। कॉमर्शियली भी मुझे बहुत परेशानी होती थी। फिर भी जहां चाह है वहां राह है। यही वजह है कि अब तक मैं कई शो कर चुकी हूं। यही नहीं बॉलीवुड के कई बड़े स्टार के साथ भी काम कर चुकी हूं।

आप महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए डिजाइन करती हैं। इसकी खास वजह?
मैनें सोचा कि महिलाओं के लिए तो काम करती ही हूं। पुरुषों के लिए भी करना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने पुरुषों के लिए स्लीपवियर बनाना शुरू किया।

Didnt Play Cricket in School But Now Ishwar Pandey Playing for Fndia


Ishwar Pandey

नई दिल्ली। कुछ लोगों के लिए जिंदगी की ट्रेन उस पटरी पर चलती है जहां कई स्टेशन होते हैं जबकि कुछ जब उसी ट्रेन पर सवार होते हैं तो वह एक्सप्रेस का रुख अख्तियार कर सीधे मंजिल पर जाकर ही रुकती है.. मध्यप्रदेश के युवा क्रिकेट इश्वर पांडे भी उन्हीं में से एक हैं। जहां एक तरफ बाकी युवा खिलाड़ी बचपन से ही मैदान में जुट जाते हैं ताकि एक दिन देश के लिए खेल सकें, वहीं दूसरी तरफ इश्वर जैसे खिलाड़ी भी होते हैं जिन्हें 12वीं की परीक्षा तक क्रिकेट से कोई लेना-देना तक नहीं था और आज वह दक्षिण अफ्रीका की कठिन पिचों पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

नाम- इश्वर पांडे, उम्र-24, जन्म स्थान- रीवा (मध्यप्रदेश)..भारत के सबसे बड़े राज्य के एक छोटे से शहर से आने वाले इश्वर पांडे दक्षिण अफ्रीका में दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ भारत 'ए' से खेलते हुए अपने डेब्यू पर हीरो बनकर उभरे हैं। इश्वर ने इस मैच की पहली पारी में 19 ओवरो में महज 46 रन देकर चार अहम विकेट लिए जबकि दूसरी पारी में 9.5 ओवर में उन्होंने 25 रन देकर तीन और विकेट हासिल किए। इश्वर पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक आज से पांच साल पहले इस क्रिकेटर का इस खेल से कोई लेना-देना भी नहीं था। स्कूल के आखिरी दिनों में गर्मियों की छुंिट्टयों में उन्होंने अपने दोस्तों के साथ सिर्फ मस्ती के लिहाज से एक क्रिकेट ट्राइल में मौका आजमाने का मन बनाया और फॉर्म भर डाला। दरअसल, वह क्रिकेट ट्राइल मध्यप्रदेश डीविजनल क्रिकेट की रीवा टीम के लिए था। यहां पर उनकी लंबी चौड़ी कद काठी और गेंद फेंकने की अद्भुत क्षमता से सब इतना प्रभावित हुए कि वह जल्द ही रीवा से खेलने भी लगे और कुछ ही दिनों में रणजी सीजन के एक खिलाड़ी ने इश्वर की गेंदों को देखा तो वह हैरत में रह गए और उन्होंने लोकल क्लब में इस खिलाड़ी की चर्चा शुरू की।

इश्वर के पिता (एक पूर्व सैनिक) चाहते थे कि इश्वर अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और उनका खेल से जुड़ना काफी मुश्किल नजर आ रहा था, हालांकि उनके यूनिवर्सिटी कोच ने इश्वर के पिता को मनाया और जल्द ही इश्वर मध्यप्रदेश की अंडर-19 टीम के लिए भी खेलने लगे। शुरुआती दौर खराब रहा लेकिन इश्वर को अब आगे बढ़ने का चस्का लग चुका था। पिताजी का दबाव जारी थी लेकिन अपने क्रिकेट के जोश की खातिर इश्वर ने पढ़ाई की स्ट्रीम ही बदल डाली और कॉलेज में विज्ञान से आ‌र्ट्स स्ट्रीम में नाम दर्ज करा दिया ताकि क्रिकेट को ज्यादा समय दे सकें।

इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर व मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अमय खुरसिया ने इश्वर की प्रतिभा देखी और उन्हें चेन्नई की एमआरएफ पेस अकादमी भेजने का फैसला लिया। इसके बाद जो बदलाव इश्वर में आए उसने सभी की आंखें खोल दीं। स्कूल के बाद पांच साल के अंदर आज इश्वर घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक हर जगह चर्चा में हैं। पिछले रणजी सीजन में वह टूर्नामेंट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी भी रहे। उन्होंने मध्यप्रदेश की तरफ से खेलते हुए 48 विकेट चटकाए और इस दौरान उन्होंने कुछ मैचों में बल्ले से भी अपना जलवा दिखाया। आइपीएल-6 में वह पुणे वॉरियर्स से खेले लेकिन ज्यादा कुछ कर नहीं पाए लेकिन कभी हार ना मानने वाले इस क्रिकेटर को दक्षिण अफ्रीका के भारत 'ए' दौरे पर चयनकर्ताओं ने मौका दिया और अपने इस डेब्यू में ही उन्होंने 7 अहम विकेट लेकर भविष्य का उभरता हुआ गेंदबाज बनने की दस्तक दे डाली। छह फुट दो इंच लंबे चौड़े इस गेंदबाज की रफ्तार और स्विंग इसका सबसे बड़ा हथियार है और जिस रफ्तार में पिछले पांच साल उनकी जिंदगी में अलग मोड़ लेकर आए हैं, ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जल्द ही हमें शायद टीम इंडिया के लिए एक और शानदार फर्राटा गेंदबाज मिल जाए।

Tag: Ishwar Pandey, Cricket Player, Hindi News, News in Hindi, News

Tuesday, August 20, 2013

Six Policemen Injured in Attacks of Liquor Mafia


liquor mafia

हापुड़ [जासं]। कोतवाली क्षेत्र के गांव अतरौली में तस्करी की शराब पकड़ने गई पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पर शराब माफिया ने हमला कर दिया। सीओ समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। 

मंगलवार रात सीओ अमित नागर को सूचना मिली की अतरौली में परचून की दुकान चलाने वाला राजेंद्र सिंह, उसका बेटा अनुज कुमार तस्करी की शराब का कारोबार करते हैं। सीओ ने आबकारी विभाग की टीम के साथ माफिया के यहां छापा मारा। पुलिस को देखते ही माफिया ने अपने साथियों के साथ टीम पर सरिया, लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हवाई फायरिंग भी की। सीओ अमित नागर, आबकारी निरीक्षक अजय यादव, दो आबाकारी विभाग के सिपाही समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। सीओ को काफी चोट आई हैं। हवाई फायरिंग करते हुए वह भाग गए। हमले की सूचना मिलते ही एसपी कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।
घायलों को अस्पताल भिजवाया। एसपी डा. अशोक कुमार राघव ने बताया कि शराब माफिया की तलाश की जा रही है। उनका खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

Original Found Here... http://www.jagran.com/news/national-six-policemen-injured-in-attacks-of-liquor-mafia-10660679.html

Tag: Six Policeman Injured in Attacks of Liquor, Hindi News, News in Hindi, News

Mahesh Celebrate Raksha Bandhan With His 12672 Sisters


rakshabandhan

शिवप्रताप सिंह जादौन, मुरैना। एक तरफ जहां रिश्ते कच्चे धागे की तरह टूट रहे हैं, वहीं मुरैना के खड़ियाहार गांव के महेश की कलाई पर रक्षाबंधन के दिन धागा बांधने की जगह तक नहीं बचती। धागों की इस डोर ने उन्हें अब तक 12,672 बहनों का भाई बना दिया है।

ये वे बहनें हैं, जिनका कोई भाई नहीं है। महेश के पास देशभर से हर साल करीब 11 हजार से अधिक राखियां भी आती हैं। रक्षाबंधन के दिन तो उनके घर में पैर रखने की जगह तक नहीं बचती। रिश्तों को निभाने में महेश मामा भी पीछे नहीं हटते। अब तक उन्होंने लगभग 5,700 भानजियों की शादी में भात (शादी के मंडप में मायके पक्ष की ओर से दिया जाना वाला सामान) भी दे चुके हैं। अब तो लोग उन्हें महेश मामा कह कर बुलाते हैं। इन सब का खर्चा वे अपनी हैंडपंप पार्ट्स की दुकान और वर्कशॉप से निकालते हैं।

ऐसे मिली प्रेरणा56 वर्षीय महेश मामा कहते हैं कि जब वे 21 साल के थे तो उन्होंने अपने पास के गांव पाय के पुरा में दो महिलाओं को मुंहबोली बहन बनाया। वे देखते थे कि कई महिलाएं अपनी बेटियों की शादी के समय इसलिए दुखी होती थीं, क्योंकि हिंदू रिवाज के अनुसार बेटी की शादी में भात लाने के लिए उनका कोई भाई नहीं था। बस फिर क्या था महेश ने ठान लिया कि वे ऐसी महिलाओं के भाई बनेंगे, जिनके भाई नहीं हैं। वे शहरों व गांवों में होने वाले धार्मिक आयोजनों में जाकर घोषणा करते हैं कि जिन बहनों का कोई भाई नहीं, वे उन्हें अपना भाई मानें। बहनें मामा का तिलक कर उन्हें भाई बना लेती हैं। (नई दुनिया)

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-mahesh-celebrate-raksha-bandan-with-his-12672-sisters-10658550.html

Tag: Mahesh Celebrates Raksha Bandhan, Hindi News, News in Hindi, News

Monday, August 19, 2013

Micromax Will Launch 2 Mega Series Phablet


Micromax phablet

'भारतीय सैमसंग' से नाम से पहचान बनाने वाली माइक्रोमैक्स कंपनी अपने कैनवस सीरीज के अत्यधिक लोकप्रिय होने के बाद अब इसी नाम को फैबलेट की दुनिया में भी कैश करने की तैयारी में जुटी है। अभी तक माइक्रोमैक्स केवल कैनवस स्मार्टफोन ही बना रहा था लेकिन अब खबर है कि वह कैनवस फैबलेट को भी लॉंच करने जा रहा है।
यह बात तो सच है कि स्मार्टफोन बनाने वाली हर कंपनी हर बार बड़ी स्क्रीन वाले मोबाइल को ही बाजार में उतारना चाहती है और ऐसे में जब टैबलेट और फैबलेट की मांग तेजी पर है तो कोई भी कंपनी इस सुनहरे अवसर को अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहती हैं। 

टैबलेट और फैबलेट के दीवानों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि इस बार माइक्रोमैक्स एक नहीं बल्कि 2 मेगा सीरीज फैबलेट लॉंच करने जा रहा है। खबर है कि इनमें से एक 5.7 इंच स्क्रीन वाला फोन होगा और दूसरा 6 या इससे भी बड़े स्क्रीन वाला फैबलेट हो सकता है। 5.7 स्क्रीन वाले माइक्रोमैक्स फोन का नाम कैनवस ए240 और 6 इंच की स्क्रीन वाली फैबलेट का नाम कैनवस डूडल 2 हो सकता है। 

सैमसंग ए240 स्क्रीन की डिस्प्ले 720 पिक्सल वाली होगी और यह एंड्रायड 4.2 जेलीबीन पर चलेगी (अगर उस समय तक 4.3 जेलीबीन लोकप्रिय हो गया तो हो सकता यह फोन भी 4.3 जेलीबीन वाला हो)। इसके अलावा माइक्रोमैक्स ए240 1.2 गीगाहर्ट्ज क्वाड-कोर मीडिया टेक एमटी 6589 प्रोसेसर से संचालित होगा। इस फैबलेट की रैम 1 जीबी और इंटरनल मेमोरी 16 जीबी होगी। अभी तक यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि इस फोन की मेमोरी को मेमोरी कार्ड से बढ़ाया जा सकता है या नहीं।

Original Found Here... http://www.jagran.com/technology/micromax-will-launch-2-mega-series-phablet-10656010.html

Tag: Micromax Phablet 2 Mega, Technology Hindi News, News in Hindi, News

Rajiv Gandhi Birthday Today


rajiv gandhi

नई दिल्ली। भारत में कंप्यूटर क्रांति की शुरुआत करने वाले राजीव गांधी भारत की राजनीति में सबसे शक्तिशाली और प्रभावी नेहरू-गांधी परिवार से थे। आज उनका जन्मदिन है। राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए देश में होने वाले सरकारी घोटालों जैसे आरोपों को स्वीकार किया था।
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बड़े बेटे और 21वीं सदी के लिए भारत की नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को श्रीपेरुंबदूर में हत्या कर दी गई थी। 40 साल की उम्र में देश के सबसे युवा और नौवें प्रधानमंत्री होने का गौरव हासिल करने वाले राजीव गांधी आधुनिक भारत के शिल्पकार कहे जा सकते हैं। 

यह पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने देश में तकनीक के प्रयोग को प्राथमिकता देकर कंप्यूटर के व्यापक प्रयोग पर जोर डाला। भारत में कंप्यूटर को स्थापित करने के लिए उन्हें कई विरोधों और आरोपों को भी झेलना
पड़ा, लेकिन अब वह देश की ताकत बन चुके कंप्यूटर क्रांति के जनक के रूप में भी जाने जाते हैं।

20 अगस्त, 1944 को जन्में राजीव गांधी इंदिरा गांधी के बड़े बेटे थे। सन 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद वह भारी बहुमत से प्रधानमंत्री बने। 

राजीव गांधी और उनके छोटे भाई संजय गांधी की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के प्रतिष्ठित दून स्कूल में हुई थी। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने लंदन के इम्पीरियल कॉलेज में दाखिला लिया साथ ही कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इंजीनीयरिंग का पाठ्यक्रम भी पूरा किया। भारत लौटने के बाद राजीव गांधी ने लाइसेंसी पायलट के तौर पर इंडियन एयरलाइंस में काम करना शुरू किया। कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान राजीव गांधी की

मुलाकात एंटोनिया मैनो से हुई, विवाहोपरांत जिनका नाम बदलकर सोनिया गांधी रखा गया। 

राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद राजीव गांधी ने कभी भी राजनीति में रुचि नहीं ली। भारतीय राजनीति और शासन व्यवस्था में राजीव गांधी का प्रवेश केवल हालातों की ही देन था। दिसंबर 1984 के चुनावों में कांग्रेस को जबरदस्त बहुमत हासिल हुआ। इस जीत का नेतृत्व भी राजीव गांधी ने ही किया था। अपने शासनकाल में
उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं और नौकरशाही में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए।

कश्मीर और पंजाब में चल रहे अलगाववादी आंदोलनकारियों को हतोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी ने कड़े प्रयत्‍‌न किए। भारत में गरीबी के स्तर में कमी लाने और गरीबों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए एक अप्रैल 1989 को राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार गारंटी योजना को लागू किया जिसके अंतर्गत इंदिरा आवास योजना और दस लाख कुआं योजना जैसे कई कार्यक्रमों की शुरुआत की।

पुरस्कार
राजीव गांधी को समाज और राजनीति में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्‍‌न से अलंकृत किया गया।

उनका शासनकाल कई आरोपों से भी घिरा रहा जिसमें बोफोर्स घोटाला सबसे गंभीर था। इसके अलावा उन पर कोई ऐसा दाग नहीं था जिसकी वजह से उनकी निंदा हो। पाक दामन होने की वजह से ही लोगों के बीच राजीव गांधी की अच्छी पकड़ थी।

श्रीलंका में चल रहे लिट्टे और सिंघलियों के बीच युद्ध को शांत करने के लिए राजीव गांधी ने भारतीय सेना को श्रीलंका में तैनात कर दिया। जिसका प्रतिकार लिट्टे ने तमिलनाडु में चुनावी प्रचार के दौरान राजीव गांधी पर आत्मघाती हमला करवा कर लिया। 21 मई, 1991 को सुबह 10 बजे के करीब एक महिला राजीव गांधी से
मिलने के लिए स्टेज तक गई और उनके पांव छूने के लिए जैसे ही झुकी उसके शरीर में लगा आरडीएक्स फट गया। इस हमले में राजीव गांधी की मौत हो गई। देश में राजीव गांधी की मौत के बाद बहुत बड़ा रोष देखने को मिला। 

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Salman Foots Rs 1.5 Lakh Bill For Daisy Shah's Cosmetic Surgery

Salman Khan

मुंबई। सलमान खान समाज सेवा करने में कितने आगे हैं, यह तो सब जानते हैं। अब सल्लू मियां अपनी साथी एक्ट्रेस पर भी मेहरबान हो रहे हैं। खबर है कि सलमान ने अपनी आने वाली फिल्म 'मेंटल' की खूबसूरत हीरोइन डेजी शाह की कॉस्मेटिक सर्जरी का पूरा बिल यानी डेढ़ लाख रुपए अपनी जेब से भरे हैं।

सलमान अपने दोस्तों और खासकर महिला मित्रों को महंगे गिफ्ट देने के लिए जाने जाते हैं। अब जैसे ही डेजी शाह का बिल भरने की खबर फैली तो यह सवाल पूछा जा रहा है कि डेजी पर सलमान की यह मेहरबानी क्यों? इससे पहले लवासा में फिल्म की शूटिंग के दौरान सलमान को डेजी के साथ साइकिल की सवारी का आनंद लेते हुए भी देखा जा चुका है।

डेजी की कॉस्मेटिक सर्जरी और सलमान द्वारा उसका बिल भरने की बात की पुष्टि शिवाजी पार्क के उस हॉस्पिटल के एक कर्मचारी ने ने भी की है, जहां उनकी सर्जरी हुई थी। इस हॉस्पिटल के कर्मचारी ने बताया कि डेजी यहां पर दो दिन थीं और उनकी कॉस्मेटिक सर्जरी का बिल लगभग डेढ़ लाख रुपए आया। पूरा बिल सलमान खान की तरफ से चुकाया गया। इस मामले पर अभी तक सलमान और डेजी की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। मेंटल फिल्म की यूनिट के एक सदस्य का कहना है, 'यह तो भाई का डेजी के लिए एक गिफ्ट था और ऐसे गिफ्ट वे अपने दोस्तों को देते रहते हैं।'

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Know About Tunda


lashkar e taiba

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आइएसआइ के खासम-खास अब्दुल करीम उर्फ टुंडा पर लश्कर के फंड का दुरुपयोग का आरोप भी लग चुका है। इसको लेकर वर्ष 2006 में लश्कर कमांडर जकी उर रहमान लखवी से उसके मतभेद हो गए थे। जांच एजेंसियों की मानें तो इसके बाद से टुंडा व लखवी के रिश्तों में खटास पड़ गई थी। मामला बढ़ने पर आइएसआइ को हस्तक्षेप करना पड़ा था। यह भी बताया जाता है कि आइएसआइ ने टुंडा को छह माह तक हिरासत में रखा था। गलती मानने के बाद उसे ईमानदारी से काम करने की नसीहत के साथ आइएसआइ के कुछ तेजतर्रार अफसरों की निगरानी में छोड़ा गया था।

टुंडा ने पूछताछ में बताया कि जमात-उद-दावा का गठन करने के बाद हाफिज सईद ने खुद को लश्कर के आतंकी आपरेशनों को अंजाम देने से अलग कर लिया है। लश्कर का काम जकी उर रहमान लखवी संभालता है। हाफिज सईद केवल दिशा तय करता है। उसे अंजाम तक पहुंचाने का काम लखवी का है। 26/11 मुंबई हमले की योजना आइएसआइ की मदद से लखवी ने ही बनाई थी।

टुंडा ने सत्तर के दशक में दिल्ली में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की राणा प्रताप बाग शाखा में चपरासी की नौकरी की थी। उसे यह काम पसंद नहीं आया और थोड़े दिन बाद ही उसने इसे छोड़ दिया। 

बेटा भी आतंकी
टुंडा का तीसरे नंबर का बेटा अब्दुल वारिस भी लश्कर का खूंखार आतंकी है। जम्मू-कश्मीर में उसने कई वारदात को अंजाम दिया है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड के बाद अब्दुल को गिरफ्तार किया था। भारतीय जेल में सात साल की सजा काटने के बाद उसे रिहा कर दिया गया था। टुंडा ने बताया कि वारिस अब पाकिस्तान में है। लश्कर में वह अब भी सक्रिय है।

बड़ा बेटा 48 का तो छोटा तीन साल का
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टुंडा के परिवार में तीन पत्‍ि‌नयों जरीना, मुमताज तथा आशिमा के अलावा सात बच्चे थे। लेकिन सबसे बड़ा बेटा लापता है। हालांकि, चर्चा है कि वह लश्कर आतंकी था, जो किसी मुठभेड़ में मारा गया। टुंडा की पत्‍ि‌नयां तथा छह बच्चे अभी लाहौर में रहते हैं। इस समय टुंडा के बड़े बेटे की उम्र 48 साल है, जबकि छोटा मात्र तीन साल का है।

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Militannts Are Training to Hindu Habitude in Pakistan


Militannts

नई दिल्ली [जागरण संवाददाता]। पाकिस्तान में चल रहे आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को हिंदू रीति-रिवाज से भी परिचय कराया जा रहा है। आइएसआइ इन्हें बाकायदा भारतीय लहजे में बातचीत और आसानी से लोगों में घुल-मिल जाने की कला भी सिखा रही है। इसके अलावा 26/11 जैसे किसी बड़े हमले के लिए आतंकियों के हिंदू नाम रखने की कोशिश भी होती है। आइएसआइ की सलाह पर इंडियन मुजाहिदीन [आइएम] ने भी यह तरीका अपनाया है। इसके पीछे सोच है कि वे भारतीय समाज में आसानी से घुलमिल जाएंगे। वहीं कोई आतंकी किसी हमले में मारा जाए तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उसे भारत का अंदरूनी मसला करार दिया जाए। जांच एजेंसियों ने लश्कर आतंकी टुंडा से इस बाबत कई जानकारियां प्राप्त की हैं। 

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शिविरों में सर्वाधिक नवयुवक पाकिस्तान में पंजाब प्रांत से आते हैं। टुंडा ने बताया कि मदरसों में बचपन से ही इन युवकों के दिल-ओ-दिमाग में जेहाद का मुलम्मा इस कदर चढ़ाया जाता है कि वे इस्लाम के नाम पर कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाते हैं। इन्हें दिहाड़ी मजदूर से भी कम मजदूरी मिलती है। उन्हें रहने-खाने की सुविधा के साथ अधिकतम चार हजार रुपये तक दिए जाते हैं। 

पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद, लाहौर, पेशावर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, कराची, मुल्तान, सियालकोट और गुंजरावाला समेत कई शहरों में लश्कर व जमात-उद-दावा के दफ्तर हैं। यहां पर आतंकी बनाने के लिए नवयुवकों की भर्ती का काम भी होता है। जेहाद के लिए काम करने वाले युवा विभिन्न मदरसों तथा ग्रामीण इलाकों से यहां पहुंचते हैं। भर्ती लेने से पूर्व युवकों की पृष्ठभूमि का पता लगाया जाता है।

टुंडा लश्कर के प्रशिक्षिण शिविरों के विषय में भी विस्तार से जानकारी दे रहा है। उसने बताया कि पंजाब प्रांत के मुरीदके में लश्कर मुख्यालय में कई बार वह लश्कर चीफ हाफिज सईद व लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी से मिला है। कई बार उसने प्रशिक्षण शिविर में आतंकियों के समक्ष जेहादी भाषण भी दिए। नए भर्ती होने वाले युवाओं का हृदय परिवर्तन करने के लिए उलेमाओं की मदद से 42 दिन का 'बैत-उर-रिजवान' कोर्स चलाया जाता है। इसमें जेहादी विचारक भाग लेते हैं। इसके बाद हथियारों का प्रशिक्षण देने के लिए तीन माह का 'दौरा ए आम' तथा विस्फोट करने, हमला करने या फिदायीन हमले में विशेषता हासिल करने के लिए 21 दिन का 'दौरा-ए-खास' कोर्स कराया जाता है। 

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Sunday, August 18, 2013

Sindhurakshak Tragedy: 12 Naval Sailors Bodies Are Still Missing


INS Sindhurakshak

मुंबई। धमाके से क्षतिग्रस्त होकर समुद्र में समा गई पनडुब्बी सिंधुरक्षक के 18 में से बारह नौसैनिकों का क्या हश्र हुआ, इस बात का पता अब तक नहीं चल सका है। बंद दरवाजों को तोड़कर सिंधुरक्षक के अगले हिस्से में दाखिल हुए गोताखोरों को रविवार को एक भी शव नहीं मिला। शनिवार तक गोताखोरों ने पनडुब्बी से छह नौसैनिकों के शव निकाले थे। नौसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि घनघोर अंधेरे में बाकी बचे नौसैनिकों को तलाश रहे गोताखोरों को रविवार को कोई सफलता नहीं मिली। उन्हें कोई शव नहीं मिला। 

नौसेना के अनुसार गोताखोर शून्य दृश्यता में पानी से भरी पनडुब्बी के अंदर एक-एक इंच की तलाशी कर रहे हैं ताकि बाकी जवानों के शव का पता लगाया जा सके और आगे के बचाव अभियान के लिए आसान रास्ता निकाला जा सके। गोताखोरों के अलावा नौसेना विशेषज्ञ कंपनियों से भी पनडुब्बी के मौजूदा हालात के बारे में सर्वे करा रही है। 

सिंधुरक्षक पर तैनात जवानों के परिजनों को जानकारी देने के लिए विशाखापत्तनम में भी नौसेना ने विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया है। गौरतलब है कि मंगलवार देर रात मुंबई के कोलाबा स्थित नौसेना के डॉकयार्ड पर खड़ी सिंधुरक्षक अचानक हुए धमाके से क्षतिग्रस्त होकर समुद्र में डूब गई थी। घटना के समय उस पर 18 नौसैनिक तैनात थे।

Original Found Here... http://www.jagran.com/news/national-sindhurakshak-tragedy-12-naval-sailors-bodies-are-still-missing-10655890.html

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20 Tourists Trapped By The Rising Water Level of The Waterfall


20 tourists

धर्मशाला। रविवार को पहाड़ों पर भारी बारिश होने से भागसूनाग में वाटरफॉल का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे वाटरफॉल के दूसरे किनारे पर करीब 20 पर्यटक फंस गए। चरान व मांझी खड्डों में जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया।

रविवार दोपहर करीब दो बजे अचानक भागसूनाग स्थित वाटरफॉल का जलस्तर बढ़ गया। वाटरफॉल में पानी इतना तीव्र हो गया कि वहां मौजूद लोग सहम गए। इसके किनारे पर कैफे के मालिकों ने भाग कर जान बचाई लेकिन, वाटरफॉल से करीब सौ मीटर नीचे खड्ड के एक किनारे पर करीब 20 पर्यटक फंस गए। पानी का बहाव तेज होने से वे एक छोर पर खड़े हो गए। उधर सूचना मिलने पर पुलिस, गृहरक्षक एवं ट्रैकिंग दल के सदस्य मौके पर पहुंच गए। बचाव दल ने दो स्थानों पर रस्सी से इन्हें सुरक्षित निकाला। इस कार्य में करीब दो घंटे का समय लग गया। पानी का बहाव कम होने से यह कार्य पूरा किया जा सका। ये युवक पंजाब, दिल्ली व मैक्लोडगंज के रहने हैं जो वाटरफॉल के पास घूमने आए थे। इसके बाद वह खड्ड के किनारे पत्थरों पर बैठे थे कि इसी दौरान जलस्तर बढ़ गया।

एसडीएम हरीश गज्जू ने बताया कि सूचना मिलने पर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। चरान व मांझी खड्डों पर बनी झुग्गी एवं अन्य स्थानों से लोगों को बाहर निकलने को कहा गया है। पुलिस को सतर्क रहने का आदेश दिया है।

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-20-tourists-trapped-by-the-rising-water-level-of-the-waterfall-10655897.html

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Dollar Against Rupee Touch New Record Low


rupee

नई दिल्ली। सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की कई कोशिशों के बावजूद रुपया की गिरावट ने सबकी नाक में दम कर दिया है। वहीं, रुपये की कमजोरी ने शेयर बाजार को भी अपने लपेटे में ले लिया है। डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ता हुआ शुरुआती कारोबार में 62.40 के स्तर पर पहुंच गया। बीएसई का सेंसेक्स खुलते ही करीब 200 अंक और निफ्टी 11 माह के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। शॉर्ट टर्म रेट में सख्ती आने की वजह से बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। आईसीआईसीआई बैंक 3 फीसद और एचडीएफसी बैंक 1.8 फीसद तक लुढ़क गए।

उम्मीद की जा रही थी कि सप्ताह की शुरुआत में डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार आएगा लेकिन बाजार खुलते ही सब निराश हो गए। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। 1 डॉलर की तुलना में रुपया 62.35 पर पहुंच गया। हर बार रुपया अपने की रिकॉर्ड को तोड़ रहा है। बैंकों के ट्रेजरी अधिकारियों और बाजार विश्लेषकों को उम्मीद थी कि आरबीआई और सरकार द्वारा उठाए कदमों से रुपया 61 के स्तर पर पहुंच जाएगा।

गौरतलब है कि रुपये ने शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 62.03 का निम्नतम स्तर छुआ। आरबीआइ ने देश से बाहर भेजे जा सकने वाली रकम को 75,000 डॉलर तक सीमित कर दिया। इसके अलावा, एशियाई बाजारों में सुस्ती छाई रही जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया।

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Robert Vadra Land Deal: Ashok Khemka Defends Action


Vadra-DLF deal

चंडीगढ़, जागरण ब्यूरो। वरिष्ठ आइएएस अशोक खेमका ने राबर्ट वाड्रा-डीएलएफ जमीन सौदा रद करने संबंधी अपनी कार्रवाई का कुछ बिंदुओं पर बचाव किया है तो कुछ पर अपना पुराना स्टैंड कायम रखा है। 

दिल्ली में एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में खेमका ने जमीन सौदे में इस्तेमाल किए गए वाड्रा की कंपनी के चेक की वैधता पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की मगर पूरे मामले की आपराधिक जांच की हिमायत जरूर की। उन्होंने कहा कि 'अगर आपको कार्रवाई करनी है तो शीर्ष स्तर से कीजिए। पर इसके लिए काफी हिम्मत की जरूरत होगी।'

अशोक खेमका ने कहा कि हरियाणा सरकार को भेजे अपने जवाब में जमीन सौदे से जुड़े सुबूत उन्होंने खुद जुटाए हैं। उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि जमीन सौदे के दौरान प्रस्तुत किए गए चेक वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी के थे। उनके अनुसार इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और अगर आपराधिक मामला बनता है तो न्यायालय खुद सजा तय करेगा। खेमका ने माना कि शिकोहपुर भूमि सौदे के लिए आवेदन के साथ सौंपे गए दस्तावेज में गलत जानकारी मुहैया कराई गई थी। यह पूछे जाने पर कि तबादला हो जाने के बावजूद किस अधिकार से उन्होंने जमीन सौदे का इंतकाल रद किया तो वरिष्ठ आइएएस ने कहा कि वह ऐसा करने के लिए पूरी तरह से अधिकृत थे। बेशक उनका तबादला 11 अक्टूबर, 2012 को हो गया था लेकिन 15 अक्टूबर को अन्य विभाग में चार्ज लेने से पहले तक उनके पास ऐसा करने की पूरी शक्तियां थीं। अगर डीएलएफ और वाड्रा की कंपनियों को उनके आदेशों से आपत्ति थी तो वे उन्हें रद कराने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती थीं।

खेमका ने इंटरव्यू के दौरान बार-बार दोहराया कि वाड्रा-डीएलएफ डील में हुए घोटाले का सच उजागर करने के लिए पूरे मामले की आपराधिक जांच बहुत जरूरी है।

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-robert-vadra-land-deal-ashok-khemka-defends-action-10654730.html

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Pre Independence Cars


Pre Independence cars

पुरानी चीजें वैसे तो पुरानी होती हैं, पर वक्त के साथ वही चीजें कई बार नयेपन का एहसास कराती हैं। अंग्रेजी में कहावत भी है ओल्ड इज गोल्ड। हम किसी भी सदी में क्यों न हों, पुराने का रुतबा हमेशा नए से ज्यादा होता है। पुराने कपड़े, पुरानी कारें, पुराने गहने हमें बहुत प्यारे होते हैं। 

कारों का व्यापार आज जितना बड़ा है, कल उतना नहीं था। आज तो मध्यम वर्ग भी कारें खरीद सकता है, पर पहले ऐसा नहीं था। पहले कारें सिर्फ उच्च घरानों तक ही सीमित थीं। कारें तो कारें, मोटरसाइकलें तक केवल उच्च वर्ग की पहुंच के अंदर थीं। कारें रखना धनाढ्य होने की निशानी थी। भारत में तो कार या मोटरसाइकल की कंपनियां थीं ही नहीं। सन् 1903 में भारत में पहली कार लाने का श्रेय एक अंग्रेज अफसर को जाता है। हालांकि बहुत सी पुरानी कार ब्रांड आज भी अपनी गरिमा बनाए हुए हैं। रॉल्स रॉयस आज भी धनाढ्य वर्ग की पहली पसंद है। इसकी कारें फिल्मों के लिए भी जाती हैं। शेवरोले भी 15 साल पहले भारतीय कार बाजार में पुन प्रवेश कर सफलता भी पा चुका है। यह आज भी भारतीय कार बाजार का एक जाना-पहचाना नाम है।

मोटरसाइकल बाजार में भी ऐसा ही कुछ है। इसे भी पहली बार द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सन् 1947 में ब्रिटिश आर्मी ही भारत लेकर आई थी। उस वक्त के मोटरसाइकल ब्रांड में बीएसए, इंडियन, रॉयल एनफील्ड और ट्राइअम्फ कुछ प्रमुख नाम थे। आज भारत विश्व में मोटरसाइकल का सबसे बड़ा बाजार है। हालांकि ये सारे ब्रांड अब मौजूद नहीं हैं पर कुछ ब्रांड अभी भी हैं। जैसे रॉयल एनफील्ड आज भारतीय कंपनी ईचर मोटर्स का हिस्सा है। ब्रिटिश मोटरसाइकल ब्रांड ट्राइअम्फ भी भारतीय बाजार में आने की तैयारी कर रहा है। 

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