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Wednesday, July 23, 2014

American foreign minister john kerry had to check for security purpose in egypt

सुरक्षा जांच के नाम पर लोगों को कतार में खड़ा कराने वाले अमेरिका को भी उसी स्थिति से गुजरना पड़ा है। जी हां, पूरी दुनिया पर अपने रसूख और रुतबे का लोहा मनवाने वाले अमेरिका को मिस्त्र की राजधानी काहिरा में उस वक्त इस स्थिति का सामना करना पड़ा, जब अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी को भी सुरक्षा के लिए अपनी तलाशी देनी पड़ी।

काहिरा में राष्ट्रपति फतह अल सिसी से मिलने पहुंचे केरी और उनके सहयोगियों को सुरक्षा जांच के दौरान मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ा। जब यह खबर सामने आयी तो इस बात की चर्चा पूरी दुनिया में होने लगी।

केरी अपने सहयोगियों के साथ सिसी से गाजा पट्टी पर जारी हमले के बारे में चर्चा करने राष्ट्रपति आवास पहुंचे थे। आम तौर पर विदेशों में अमेरिकी नेताओं को सुरक्षा जांच से नहीं गुजरना पड़ता और हर जगह उनका भव्य स्वागत किया जाता है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित मिस्त्र के राष्ट्रपति आवास की सीसीटीवी फुटेज कुछ और ही कहानी बयां करती है।

फुटेज में देखा गया है कि राष्ट्रपति आवास का अधिकारी मेटल डिटेक्टर से केरी की जांच कर रहा है और उनके वरिष्ठ सहयोगी वहां लगाए गए स्थायी मेटल डिटेक्टर से गुजर रहे हैं। इनमें से एक सहयोगी को पॉकेट खाली करने का आदेश भी दिया गया।

केरी के साथ उनके डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ जोनाथन फाइनर, वरिष्ठ सलाहकार डेविड थार्न और प्रवक्ता जेन साकी थीं। गौरतलब है कि भारत के कई प्रतिष्ठित लोगों के साथ अमेरिका में जांच के नाम पर अशोभनीय कार्य कर उनका अपमान किया गया। जिसकी भारत में काफी आलोचना हुई। 

Source: News, Newspaper

From british empire to commonwealth games

स्कॉटलैंड का शहर ग्लास्गो 20वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने को तैयार है। ब्रिटिश उपनिवेशों के बीच खेले जाने वाले इन खेलों ने 84 साल के इतिहास में लंबा सफर तय किया है। 1930 से लेकर 1950 तक कॉमनवेल्थ गेम्स को ब्रिटिश एंपायर गेम्स के तौर पर जाना जाता था। इस बीच, द्वितीय विश्व युद्ध की वजह से 1942 और 1948 में यह खेल नहीं हो सके।

इसके बाद 1950 से 1966 तक इसे ब्रिटिश एंपायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स और 1970 से 1974 तक ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना गया। 1978 में कनाडा के एडमंटन में खेले गए खेलों में एक बार फिर से इसका नाम बदला गया और तब से लेकर अब तक इसे कॉमनवेल्थ गेम्स के तौर पर जाना जाता है।

1978, एडमंटन, कनाडा

कनाडा ने तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की। पहली बार रानी एलिजाबेथ ने इन खेलों का उद्घाटन किया। मेजबान कनाडा पदक तालिका में शीर्ष पर रहा।

1982, ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया में तीसरी बार खेले गए खेलों के सामान्य वर्ग में पहली बार किसी विकलांग खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक जीता।

1986, एडिनबरा, स्कॉटलैंड

इन खेलों में खेलने वाले देशों से ज्यादा ने रंगभेद की नीति के कारण इसका बहिष्कार किया। इसमें भारत भी शामिल था।

1990, ऑकलैंड, न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड के शहर ऑकलैंड ने दूसरी बार इन खेलों की मेजबानी की। इन खेलों से मैत्रीपूर्ण कॉमनवेल्थ गेम्स की छवि समृद्ध हुई।

1994, विक्टोरिया, कनाडा

दक्षिण अफ्रीका की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी हुई। कुल 67 में से 63 देशों ने इन खेलों में हिस्सा लिया।

1998, कुआलालंपुर, मलेशिया

पहली बार किसी एशियाई देश ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की। पहली बार टीम खेलों को स्थान मिला और क्रिकेट को भी इन खेलों में शामिल किया गया।

2002, मैनचेस्टर, इंग्लैंड

पहली बार विकलांग वर्ग की अलग से स्पर्धाएं हुई। डेविड डिक्सन पुरस्कार मैनचेस्टर खेलों से शुरू किया गया और पहला पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की तैराक नाताली को दिया गया।

2006, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया

पहली बार क्वींस बेटन सभी प्रतिभागी देशों में घूमी। समरेश जंग डेविड डिक्सन पुरस्कार हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।

2010, नई दिल्ली, भारत

पहली बार भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की। भारत ने अब तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 101 पदक जीत दूसरा स्थान हासिल किया।

Source: News, Newspaper

PM wishes success to Indian contingent for CWG Games

भ्रष्टाचार और लेट लतीफी वाले दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के बाद बुधवार से स्कॉटलैंड में 20वें कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हो रहे हैं। इस बार चर्चा स्टेडियम और सुविधाओं की नहीं, बल्कि छह ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता उसैन बोल्ट की हो रही है, जिन्होंने पिछले खेलों में भाग नहीं लिया था। हालांकि जमैका के सुपर स्टार बोल्ट 100 या 200 मीटर की दौड़ में हिस्सा नहीं लेंगे, वह सिर्फ 4 गुणा 100 मीटर रिले दौड़ में शिरकत करेंगे। बोल्ट नाम की यह बिजली नौ सेकेंड से भी कम समय तक कौंधेगी, लेकिन वह कुछ सेकेंड इन खेलों का सबसे बड़ा आकर्षण होंगे।

हालांकि कॉमनवेल्थ गेम्स का महत्व 204 देशों वाले ओलंपिक जैसा तो नहीं है, लेकिन फिर भी 71 कॉमनवेल्थ देशों के लिए यह एक प्रतिष्ठित समारोह है, जहां 261 पदकों के लिए 17 खेलों में 4500 खिलाड़ी भिड़ेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में हुई और यह तीसरा मौका है, जब स्कॉटलैंड इन खेलों का आयोजन कर रहा है। इससे पहले 1970 और 1986 में वह एडिनबरा में इसका सफल आयोजन कर चुका है।

इस बार ग्लासगो के सेल्टिक पार्क में भव्य उद्घाटन समारोह होगा, जिसमें रॉड स्टीवर्ट, सूजेन बोयाल और वायलिनवादक निकोल बेनेडेटी सहित कई बड़े कलाकार हिस्सा लेंगे। यहां 40 हजार दर्शकों के जमा होने की संभावना है। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय इन खेलों की औपचारिक शुरुआत की घोषणा करेंगी।

महिला फर्राटा धावक जमैका की शेली-एन फ्रेजर-प्राइस पुरुष वर्ग में हमवतन धावक योहान ब्लेक (जोकि बोल्ट के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी भी हैं) के इन खेलों में हिस्सा नहीं लेने से ट्रैक एंड फील्ड में घटे रोमांच की भरपाई करने की पूरी कोशिश करेंगी। दूसरी तरफ ब्रिटेन के मो फराह को भी देखने को भीड़ जरूर उमड़ेगी, जिन्होंने लंदन ओलंपिक में 5000 और 10000 मीटर रेस जीती थी।

पिछले प्रदर्शनों की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया पिछले छह बार से लगातार पदक तालिका में पहले नंबर पर रहता आया है और उम्मीद यही की जा रही है कि इस बार भी वह पहले नंबर पर होगा। हालांकि दिल्ली खेलों में उसके खाते में 74 स्वर्ण सहित 178 पदक आए थे, जो इस बार घट सकते हैं। भारत ने पिछली बार के खेलों में आश्चर्यजनक तरीके से 38 स्वर्ण पदक जीते थे और वह ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे नंबर पर था।

उसके बाद इंग्लैंड, कनाडा और केन्या थे। भारत से प्रशंसकों को एक बार फिर चमत्कारिक प्रदर्शन की उम्मीद है और नजरें खास तौर पर निशानेबाज अभिनव बिंद्रा, विजय कुमार, गगन नारंग और पहलवान योगेश्वर दत्त और सुशील कुमार पर टिकी हैं।

प्रधानमंत्री ने भारतीय दल को दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लास्गो में शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने गए भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट किया, 'ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे हमारे खिलाड़ियों को शुभकामनाएं। मुझे यकीन है कि वे राष्ट्र को गौरवांवित करेंगे।'

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को चमकने का बेहतरीन मौका देने के अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी प्रतियोगिताएं देशों के बीच एकजुटता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देती है। मोदी ने कहा, 'निश्चित तौर पर हमें आगामी दिनों में खेल और खेल भावना का जश्न देखने का मौका मिलेगा।'

Source: News, Newspaper

Starbucks chicken products off shelves in China

चीन में ग्लोबल फास्ट फूड चेन मेकडोनाल्ड [मेकडी], केएफसी, स्टारबक्स और पिज्जा हट जैसी कंपनियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। मेकडी और केएफसी को आपूर्ति करने वाली एक कंपनी पर सड़ा हुआ मांस बेचने के आरोप लगने के बाद अधिकारियों ने सभी फास्ट फूड चेन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को इन ग्लोबल कंपनियों से भी सड़ा हुआ मांस बरामद हुआ है। टोक्यो से आ रही रपटों के अनुसार, मेकडी ने बताया कि चिकन मेकनगट्स के लिए बड़ी मात्रा में आरोपी कंपनी शंघाई हुसी से मांस लिया जा रहा था। आरोप लगने के बाद कंपनी ने इस उत्पाद की बिक्री बंद कर दी है। अब कंपनी थाइलैंड और चीन में विकल्प तलाश रही है। स्थानीय टीवी पर हुसी कंपनी के खिलाफ कार्यक्रम प्रसारित होने के बाद अधिकारियों ने छापा मारा था। सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंगदू के खाद्य व दवा प्राधिकरण ने हुसी के करीब 9.6 टन उत्पाद अपने कब्जे में ले लिए हैं। स्टारबक्स ने भी इस स्कैंडल के बाद कई उत्पाद वापस ले लिए हैं। 

Source: News, Newspaper

Sashi tharoor wants to marry mehar tarar

कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है। सुनंदा की मौत पर से अभी पर्दा पूरी तरह से उठा नहीं है। यह अभी रहस्य ही है कि सुनंदा की मौत कैसे हुई। क्या सुनंदा ने आत्महत्या की थी और उनकी हत्या कर दी गई?

एक हिंदी समाचार चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक सुनंदा पुष्कर की मौत से जुड़े कुछ बयानों के आधार पर यह दावा किया गया है कि शशि थरूर पाकिस्तानी महिला पत्रकार मेहर तरार से शादी करना चाहते थे। इसके लिए शशि थरूर सुनंदा को तलाक देने वाले थे।

रिपोर्ट के मुताबिक सुनंदा की मौत से पहले वर्ष 2013 जून में शशि थरूर और मेहर तरार दोनों दुबई में मिले थे। जहां दोनों तीन दिन तक एक साथ रहे थे। तभी से सुनंदा काफी परेशान रह रही थीं। उन्होंने इस परेशानी को लेकर अपने करीबी लोगों से भी चर्चा की थी।

हिंदी समाचार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, थरूर और पाक महिला पत्रकार भारत में होने वाले आम चुनाव के बाद शादी करने वाले थे। लेकिन, सुनंदा की मौत के बाद मामला गड़बड़ हो गया। सुनंदा के कुछ नजदीकी लोगों और दोस्तों ने इस मामले में अहम बयान दिए हैं। इन बयानों में सुनंदा की दोस्त पत्रकार नलिनी सिंह और नौकर नारायण सिंह के बयान सबसे अहम बताए जा रहे हैं।

मरने से एक दिन पहले सुनंदा ने अपनी दोस्त नलिनी सिंह को फोन पर बताया कि शशि थरूर का इरादा मेहर तरार से शादी करने का है। दोनों की शादी 2014 के आम चुनाव के बाद होने वाली थी। सुनंदा ने नलिनी सिंह से कहा था कि उसने तरार और थरूर के बीच एक मैसेज ऐसा भी देखा है जिसमे तरार ने कहा था कि वह अब थरूर के बिना नहीं रह सकती।

Source: News, Newspaper

Former England captain Bob Willis call English cricketer sex lovers

एक तरफ जहां इंग्लिश क्रिकेट टीम लगातार अपने फॉर्म से जूझ रही है वहीं हार के बाद उन्हें चौतरफा आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। पूर्व कप्तान बॉब विलिस ने तो ऐसा दावा किया है जिसने इंग्लिश क्रिकेटरों की नींद उड़ाने का काम किया है।

विलिस ने लॉ‌र्ड्स में भारत के हाथों इंग्लैंड की हार पर निशाना साधते हुए टीम की तुलना उन लोगों से की है, जो नाइट लाइफ में ज्यादा रुचि रखते हैं। एक टीवी शो के दौरान विलिस ने कहा 'इंग्लैंड की इस टीम में सोहो से भी अधिक 'हैप्पी हूकर्स' हैं। सोहो वेस्ट एंड लंदन का नाइट लाइफ एंड इंटरटेनमेंट एरिया है, जो एक समय वेश्यावृत्ति के लिए पहचाना जाता था। यह एरिया बदलाव के दौर से गुजरा और अब यहां फैशन से जुड़ी दुकानें, रेस्तरां और मीडिया कार्यालय खुल गए हैं।

शो में मौजूद पूर्व भारतीय कप्तान रवि शास्त्री ने कहा कि हरी पिच और अनुभवहीन बल्लेबाजों के बावजूद भारतीय टीम जीतने में सफल रही जबकि उन्हें जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के रूप में ऐसी गेंदबाजी जोड़ी का सामना करना जिसके नाम पर 600 से अधिक टेस्ट विकेट दर्ज हैं।

Source: News, Newspaper

Wednesday, October 30, 2013

Democracy not an excuse to hinder India-China ties: think tank


Democracy

बीजिंग। भारत को अपनी घरेलू और राजनीतिक बाधाओं से पार पाना होगा। उसे अपने लोकतंत्र को चीन के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की हाल की चीन यात्रा के बाद अपनी पहली टिप्पणी में एक आधिकारिक थिंक टैंक ने यह बात कही है। 

शंघाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के रिसर्च फेलो लियू जेंगयी द्वारा लिखे लेख में कहा गया है कि भारतीय मीडिया ने भारत और चीन के बीच के सीमा रक्षा सहयोग समझौते की सराहना की है। भारतीय मीडिया ने इसे भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के बाद सबसे महत्वपूर्ण और स्थायी राजनयिक उपलब्धि बताया है। 'डोमेस्टिक ऑब्सटेकल्स कीप डेल्ही फ्रॉम रियलिस्टिक इकोनॉमिक च्वाइसेस' शीर्षक वाले लेख में कहा गया है कि हाल की चीन यात्रा में सिंह ने व्यापार असंतुलन और चीन-पाकिस्तान संबंधों का मुद्दा भी उठाया। यह लेख मंगलवार को सरकारी ग्लोबल टाइम्स अखबार में प्रकाशित हुआ है। इसमें कहा गया है कि क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए भारत में औद्योगिक पार्क और बांग्लादेश, चीन, भारत, म्यांमार (बीसीआइएम) इकोनामिक कोरिडोर को बनाने की चीन की योजना को पूरा नहीं किया गया। भारत में विदेशी निवेश के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के रुख और सार्वजनिक विरोध को घरेलू बाधा बताया गया है। 

चीन ने पहली परमाणु पनडुब्बी सेवा से हटाई
परमाणु पनडुब्बी के बेड़े के पहले प्रदर्शन के बीच चीन ने अपनी पहली परमाणु पनडुब्बी को सेवा से हटा दिया है। यह पनडुब्बी पिछले 40 वर्षो से अधिक समय से सेवा में थी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी डेली की मंगलवार की रिपोर्ट में कहा गया है कि द लांग मार्च नंबर-एक परमाणु पनडुब्बी को सेवा से हटा दिया गया है और वैज्ञानिकों ने उस गोदाम को प्रदूषण मुक्त कर दिया है जिसमें कि पिछले 40 वर्षो से परमाणु सामग्री रखी हुई थी।

 Source: News in Hindi

Wednesday, September 25, 2013

News in Hindi: Jammu Kashmir never merged with India: Omar



Jammu Kashmir

जम्मू [जागरण ब्यूरो]। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि विशेष दर्जे वाले जम्मू-कश्मीर का भारत से विलय संपूर्ण नहीं है। चार शर्तो के साथ राज्य का देश से विलय जरूर हुआ था, लेकिन अन्य प्रदेशों की तरह वह पूर्ण रूप से देश से नहीं जुड़ पाया। यही कारण है कि राज्य का अपना अलग संविधान और ध्वज है।

श्रीनगर में बुधवार को एक बैठक के दौरान यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में शामिल विभिन्न देशों के राजदूतों से बातचीत में उमर ने कहा कि जिन चार शर्तो पर विलय हुआ था वे मुद्रा, संचार, विदेशी मामले व सुरक्षा हैं। यूरोपियन प्रतिनिधिमंडल इन दिनों कश्मीर के हालात का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर है। उमर ने कहा राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली समस्याओं का हल राजनीतिक फ्रेमवर्क में संभव है। पैसे से या जोर जबरदस्ती से समाधान नहीं होगा। कश्मीर समस्या वर्ष 1990 में आतंकवाद के साथ नहीं बल्कि विभाजन के समय शुरू हुई थी, जब जम्मू-कश्मीर को छोड़ अन्य सभी राज्यों का फैसला कर दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान के लिए जरूरी है कि इसके आंतरिक व बाहरी पहलुओं को देखते हुए केंद्र सरकार, अलगाववादियों व भारत-पाकिस्तान में बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो।

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Monday, September 9, 2013

76Mining mafia attempted to crush tahsildar in Agra


Mining mafia

लखनऊ (Lucknow)। प्रदेश सरकार की तमाम बंदिशों के बाद भी खनन माफिया जिला व पुलिस प्रशासन के रसूख से बेपरवाह हैं।

आगरा (Agra) के फतेहाबाद (Fatehabad) में सोमवार को एक खनन माफिया  ने तहसीलदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। 

तहसीलदार को बालू खनन की सूचना मिली थी। इस पर वह अपनी टीम के साथ छापा मारने गए थे। इस पर कुछ लोग तो भाग गए, लेकिन एक खनन माफिया (Mining Mafia) ने ट्रैक्टर तेज गति से उनकी ओर दौड़ाकर चढ़ाने का प्रयास किया।

Original.. http://www.jagran.com/news/national-76mining-mafia-attempted-to-crush-tahsildar-in-agra-10711009.html

Wednesday, September 4, 2013

Asaram Used Code Words To Meet Women


Asaram Bapu

नई दिल्ली। आसाराम और उनके वफादारों पर जैसे जैसे शिकंजा कसता जा रहा है वैसे ही रोज नए-नए राज खुलते जा रहे हैं। जब पुलिस ने आसाराम के खास सेवक शिवा से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कई राज खोले। सेवादार शिवा ने बताया कि आसाराम लड़कियों से अकेले में ही मिलते थे।
नाबालिग लड़की से यौन शोषण के आरोप में जोधपुर जेल की सलाखों के पीछे दिन गुजार रहे आसाराम के वफादार शिवा ने कुछ और राज खोले हैं। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक उसने पुलिस को बताया कि आसाराम महिलाओं से मिलने के लिए खास नाम का इस्तेमाल करते थे जैसे 'ध्यान की कुटिया' वगैरह। उसने इस बात का भी खुलासा किया है कि वह घटना के दिन शिल्पी के संपर्क में था। फोन रिकॉर्ड के मुताबिक घटना वाले दिन शिल्पी आसाराम और पीड़ित परिवार से लगातार संपर्क में थी। गौरतलब है कि शिल्पी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
शिवा ने पुलिस को बताया कि वह पीड़ित लड़की को रेलवे स्टेशन से आश्रम तक पहुंचाया था। उसने यह भी कहा कि असाराम अक्सर रात में महिलाओं से मिला करते थे। पुलिस को शिवा के जरिए एकांतवास की कुछ सीडी मिलने की उम्मीद है। शिवा फिलहाल तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है। 

कहा तो यहां तक जा रहा है कि शिवा रात के समय उस कुटिया के बाहर चौकीदारी करता था, जिसमें आसाराम महिलाओं के साथ मौजूद होते थे। इससे पहले सूत्रों ने बताया था कि वॉर्डन शिल्पी नियमित रूप से छात्राओं एवं अन्य महिलाओं को आसाराम के पास भेजती थी। खुद शिल्पी के कई वर्षो तक आसाराम के साथ संबंध रहे हैं। 

Original.. http://www.jagran.com/news/national-asaram-used-code-words-to-meet-women-10700316.html

From streets of Delhi to pitches of Australia, Birthday boy Ishant comes a long way


Ishant Sharma, Indian Cricketers, Indian Cricket Team, Fast Bowler

नई दिल्ली। हुनर किसी का मोहताज नहीं होता, वो तो बस बहता पानी है जो अपना रास्ता खुद बना लेता है..दिल्ली में आज ही के दिन 1988 में जन्मेंइशांत शर्मा इसका एक बेहतरीन उद्हारण हैं। शायद ही किसी ने सोचा था कि शहर की गलियों से क्रिकेट खेलते-खेलते वह एक दिन ऑस्ट्रेलिया के मशहूर एडिलेड मैदान पर भारतीय क्रिकेट इतिहास की दूसरी सबसे तेज गेंद (152.6 किलोमीटर प्रति घंटा) फेंकने का गौरव हासिल करेगा।
दिल्ली के एक मध्यमवर्गी परिवार से ताल्लुक रखने वाले इशांत के पिता बचपन में ही समझ गए थे कि इशांत बड़ा होकर एक क्रिकेटर बनेगा और भारतीय टीम के लिए भी खेलेगा। इसे एक पिता की दूरदर्शी सोच का इत्तेफाक से हकीकत में बदलना कहें, या अपने बेटे पर उनका अटूट भरोसा.दोनों ही सही साबित हुए जब पहली बार 2007 में इशांत भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर खेलने उतरे। इशांत के पिता ने कई बार इस बात का जिक्र किया है कि इशांत क्रिकेट का दीवाना था और वह इस बात को अच्छी तरह समझ चुके थे, और उसकी प्रतिभा को भी..उसके बाद से संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद अपने परिवार के पालन के साथ-साथ इशांत के पिता ने अपने बेटे की हर उस मांग को पूरा किया जो उसे उसके सपने के करीब ले जा सके और वह सपना आखिर सच भी हुआ।
अंडर-19 विश्व कप में धमाल मचाने के बाद सुर्खियों में आए इशांत को यूं तो 18 साल की उम्र में ही 2006-07 के भारत के दक्षिणी अफ्रीकी दौरे के लिए बुलावा आ गया था, लेकिन कुछ कागजी पचड़ों व आयोजन खामियों की वजह से वह उस दौरे पर नहीं जा सके, हालांकि उन्हें ज्यादा दिन इंतजार नहीं करना पड़ा और मई 2007 में उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला, जबकि ठीक उसके अगले महीने ही उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू करने का मौका भी मिल गया। उसके बाद इशांत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, 6 फुट 5 इंच के अभी तक के इस सबसे लंबे गेंदबाज को शुरुआत से ही प्यार से लंबू के नाम से पुकारा जाता रहा। बेशक उनके जीवन में भी बाकी दिग्गज क्रिकेटरों की तरफ उतार-चढ़ाव आए लेकिन हर बार उनकी वापसी करने की क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम में बरकरार रखा। वह 2011 में 100 टेस्ट विकेट लेने वाले पांचवें सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। आज 51 टेस्ट मैचों में 144 विकेट और 57 वनडे मैचों में 79 विकेट, उनके हुनर व कामयाबी को बयां करता है। खासतौर पर ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर उनके कहर से कंगारू टीम हमेशा त्रस्त रही, इनमें कप्तान रिकी पोंटिंग का नाम सबसे ऊपर आता है जो कई बार इशांत की गेंद पर चूके और पवेलियन लौट गए। महानतम क्रिकेटर पोंटिंग ने भी इशांत को एक बेहतरीन गेंदबाज बताया था।

Original.. http://www.jagran.com/cricket/headlines-from-streets-of-delhi-to-pitches-of-australia-birthday-boy-ishant-comes-a-long-way-10692476.html

Gambhir Returns to India Due to Family Reasons


Gautam Gambhir

लंदन। काउंटी क्रिकेट में एसेक्स की तरफ से खेल रहे भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर काउंटी सीजन को बीच में छोड़कर अचानक भारत वापस लौट आए हैं। उनके लौटने का कारण पारिवारिक बताया जा रहा है।
एसेक्स ने अपने जारी बयान में कहा, 'गौतम गंभीर रविवार को पारिवारिक कारणों से भारत लौट गए हैं। फिलहाल एसेक्स क्रिकेट और गौतम इससे ज्यादा बताने की स्थिति में नहीं है। एसेक्स क्रिकेट पूरी तरह गौतम के समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि 2013 इंग्लिश घरेलू क्रिकेट सत्र के अंत से पहले वह (गंभीर) वापस लौट आएंगे।' गंभीर का एसेक्स के साथ सफर पिछले ही महीने शुरू हुआ था और शुरुआत में काफी पारियों में वह फ्लॉप साबित हुए, जिनमें 31, 21, 2 और शून्य रन की पारियां मौजूद रहीं हालांकि महीने के अंत में 30 तारीख को वह ब्रिस्टल में ग्लूस्टरशर के खिलाफ ड्रॉ हुए मैच में शतक ठोंकने में सफल रहे। गंभीर काफी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं और आखिरी बार वह जनवरी में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैच में भारत की तरफ से खेले थे।

Original.. http://www.jagran.com/cricket/headlines-gambhir-returns-to-india-due-to-family-reasons-10692484.html

I asked Aleem not to touch me: Clarke


Ashes 2013

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पांचवें और आखिरी एशेज टेस्ट का अंत सुखद नहीं रहा। ड्रॉ रहे इस टेस्ट में क्लार्क और अंपायरों के बीच बहस सुर्खियों में रही। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने अंपायर अलीम डार को उन्हें न छूने की चेतावनी भी दे डाली।
'द ऑस्ट्रेलियन' ने कहा कि माइकल क्लार्क ने विवादों के बीच खत्म हुए पांचवें टेस्ट के दौरान अंपायर डार से कहा कि उन पर से हाथ हटा लें। क्लार्क के हवाले से अखबार ने कहा, 'मुझे याद नहीं कि मैंने क्या कहा। मुझे याद है कि अलीम ने मुझे छुआ था और मैंने उनसे कहा कि मुझे न छुएं क्योंकि यदि मैंने उन्हें छुआ तो मुझे तीन मैचों का निलंबन झेलना पड़ेगा।' 

अखबार ने यह भी कहा कि जिस तरह अंग्रेज दर्शकों ने क्लार्क की हूटिंग की, वह अपमानजनक थी क्योंकि उनकी अपनी टीम ने पूरे मैच में नकारात्मक क्रिकेट खेली थी। डेली टेलीग्राफ ने कहा कि अंपायरों को भविष्य में खराब रोशनी को लेकर बेहतर फैसले लेने चाहिए।

Original.. http://www.jagran.com/cricket/bouncer-i-asked-aleem-not-to-touch-me-clarke-10673695.html

Australia Need To Do Good Batting


sunil gavaskar

(सुनील गावस्कर) इंग्लैंड इस समय शानदार फॉर्म में चल रहा है और उसे रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया कुछ नहीं कर पा रहा है। यह बिल्कुल इस साल की शुरुआत में भारत में फरवरी-मार्च में खेली गई सीरीज जैसी स्थिति है। उस समय भी ऑस्ट्रेलिया ने ऐसे मौके पर मैच गंवाया था, जहां लग रहा था कि मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा है। उनकी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की ढह रही है और अगर जब तक कोई एक बल्लेबाज वैसी पारी नहीं खेलेगा, जैसी कि माइकल क्लार्क ने तीसरे टेस्ट मैच में खेली थी, तो इंग्लैंड को पांचवां टेस्ट जीतने में कोई मुश्किल होती नहीं दिख रही।

बल्लेबाजी लाइन अप में बदलाव होना तय है और उस्मान ख्वाजा का बाहर होना सुनिश्चित है। वह अच्छी शुरुआत करने में सफल रहे और विकेट पर कुछ समय भी बिताया, लेकिन वह हमेशा मुश्किल में ही नजर आए। लॉ‌र्ड्स में अर्धशतक बनाने के बावजूद कमेंटेटर और मीडिया ऐसे बात कर रही थी, जैसे कि वह ऑस्ट्रेलियाई न हों। निश्चित तौर पर वह पूरी तरह से ऑस्ट्रेलियाई नहीं हैं, लेकिन पहले भी ऐसा कई बार हुआ है, जब यूरोप आकर बसे प्रवासियों के बच्चों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रतिनिधित्व किया। इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा कि उनका नाम ऑस्ट्रेलियाई है या नहीं। अगर ऑस्ट्रेलिया ने अपनी बल्लेबाजी में सुधार नहीं किया और गेंदबाजों के लिए पर्याप्त रन नहीं बनाए तो ओवल में भी मैच चौथे दिन ही खत्म होता दिखाई देगा।

पीठ में परेशानी के चलते टिम ब्रेसनन मैदान में नहीं उतर पाएंगे। इससे बहुत से लोगों को हैरानी होनी चाहिए कि आधुनिक दिनों के ट्रेनिंग कार्यक्रम में वजन उठाने की ट्रेनिंग आदर्श स्थिति है या नहीं। तेज गेंदबाजी हर तरह से एक मुश्किल काम है, इससे शरीर पर सबसे ज्यादा जोर पड़ता है और जब शरीर को मजबूती की जरूरत होती है, तो क्या वजन उठाना सही है, यह बड़ा सवाल है। स्टुअर्ट ब्रॉड भी चोटों से जूझ रहे हैं, लेकिन जब वह फिट होते हैं तो वह एक मैच टर्नर साबित होते हैं। जब ऑस्ट्रेलिया 299 के लक्ष्य का पीछा कर रहा था, तब उन्होंने बिल्कुल ऐसा ही किया। चालाकी से शॉर्ट गेंद का उपयोग करते हुए ब्रॉड ने अपनी गेंदबाजी में अच्छी विविधता दिखाई। मैच में 11 विकेट लेकर उन्होंने टेस्ट करियर में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। (पीएमजी)

Original... http://www.jagran.com/cricket/cricket-australia-need-to-do-good-batting-10651912.html

Tuesday, September 3, 2013

India Stood Third in Internet Usage


Use of internet in India

अभी तक जापान हमसे आगे था लेकिन अब इसे पछाड़ते हुए भारत ने तीसरा पायदान हासिल कर लिया है। हम बात कर रहे हैं वैश्रि्वक स्तर पर इंटरनेट के प्रयोग की और वर्तमान हालातों को देखते हुए इस बात की हैरानी शायद किसी को ना हो कि चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरा ऐसा देश बन गया है जहां इंटरनेट का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है। इस तीसरे पायदान पर कुछ समय पहले तक जापान का आधिपत्य था लेकिन अब यह स्थान भारत को मिल गया है और जिन युवाओं पर देश के भविष्य का भार है उन्हीं की वजह से हमें यह स्थान मिल पाया है।

कॉमस्कोर की रिपोर्ट के अनुसार भारत में इंटरनेट का सबसे अधिक प्रयोग युवा वर्ग के लोगों द्वारा किया जाता है जो विश्व के अन्य विकासशील देशों और अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले उम्र में कम हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 74 मीलियन इंटरनेट उपभोक्ता हैं जिनका आंकड़ा मार्च 2012 से करीब 31 प्रतिशत तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि कॉमस्कोर की यह रिपोर्ट सिर्फ लैपटॉप और डेस्कटॉप पर इंटरनेट का प्रयोग करने वाले लोगों पर केंद्रित है। इसमें उन लोगों को शामिल नहीं किया गया जो मोबाइल या टैबलेट पर इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। जाहिर सी बात है बहुत बड़ी संख्या में भारतीय फोन में इंटरनेट का प्रयोग करते हैं और अगर उन्हें शामिल किया जाता तो यह संख्या और भी ज्यादा होती। जबकि टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अनुसार भारत में 164.81 मिलियन उपभोक्ता हैं (जिसमें हर 8 में से 7 व्यक्ति मोबाइल पर इंटरनेट का प्रयोग करते हैं)।

कॉमस्कोर की इस हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में इंटरनेट का प्रयोग करने वाले अधिकांश लोग 35 वर्ष या उससे भी कम उम्र के हैं, जिससे यह जाहिर होता है कि देश के साक्षरता के स्तर में वृद्धि हुई है। इतना ही नहीं इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय लोगों का एक चौथाई समय सोशल नेटवर्किग साइटों पर और 23 प्रतिशत समय ई-मेल भेजने और पढ़ने में ही बीत जाता है। रिपोर्ट की मानें तो 35 वर्ष से कम पुरुष और 35 से 44 वर्ष के बीच की महिलाएं इंटरनेट का उपयोग करने में सबसे आगे हैं।

कॉमस्कोर की इस रिपोर्ट के अनुसार गूगल साइट पर आने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है और इसके बाद भारत में फेसबुक का चलन देखा गया है। फेसबुक के अलावा अन्य सोशल साइट्स में ट्विटर, लिंक्डइन आदि जैसी साइटों की लोकप्रियता सबसे अधिक है।

Original Found Here... http://www.jagran.com/technology/india-stood-third-in-internet-usage-10676699.html

Governor returns Gujarat Lokayukta Aayog Bill 2013


Governor returns

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी और राज्यपाल के बीच जारी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल कमला बेनीवाल के बीच फिर ठन गई है। सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल कमला बेनीवाल ने संशोधित लोकायुक्त बिल पुनर्विचार के लिए फिर से भेज दिया है।

नरेंद्र मोदी सरकार ने आरए मेहता के मामले में चीफ जस्टिस के साथ टकराव के बाद कोर्ट में हार होने पर बिल के प्रावधान में ही संशोधन किया था। संशोधित बिल में लोकायुक्त के चयन में मुख्यमंत्री को ही ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। गौरतलब है कि इसके बाद मेहता ने लोकायुक्त बनने से इन्कार कर दिया था। 

उधर, राज्य सरकार के प्रवक्ता नितिन पटेल ने कहा कि राज्यपाल ने गुजरात लोकायुक्त बिल 2013 को मंजूरी नहीं दी है। यह विधेयक इस साल अप्रैल में राज्य विधानसभा से पारित हुआ था। राज्यपाल ने समीक्षा के लिए इसे सरकार के पास भेजा है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल ने लोकायुक्त की नियुक्ति में राज्यपाल को ज्यादा अधिकार देने को लेकर इस बिल को वापस सरकार के पास पुनर्विचार के लिए भेजा है।

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-governor-returns-gujarat-lokayukta-aayog-bill2013-10695157.html

Monday, September 2, 2013

Air India starts Delhi Sydney flight after 22 years


Air India
नई दिल्ली। आखिरकार 22 साल के लंबे अंतराल के बाद एयर इंडिया ने सिडनी और मेलबर्न के बीच रोजाना सीधी उड़ान शुरू कर दी। अब भारत से ऑस्ट्रेलिया की बीच सीधा संपर्क जुड़ गया है। इस विमान में 60 से अधिक घरेलू ट्रांसफर यात्री और 40 अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्री सवार थे जिसमें से 20 से अधिक लंदन से थे।

इस विमान सेवा के साथ ही दिल्ली दक्षिण एशिया के प्रमुख हवाई अड्डा केंद्र के तौर उभरा है जो यूरोप-ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रों में यात्रियों के लिए सुविधाजनक यात्रा की पेशकश करता है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के सीईओ प्रभाकरण राव ने कहा कि इस विमान सेवा का लंबे समय से इंतजार था और अब एयर इंडिया ने न सिर्फ दो देशों को बल्कि दो महाद्वीपों को एक साथ जोड़ा है। राव ने कहा कि सिडनी हमारे लिए शिर्ष गंतव्यों में से एक है, जिसके साथ संपर्क साधना जरूरी था। हमें उम्मीद है कि इस मार्केट में तेजी से इजाफा होगा। एयर इंडिया की रोजना सीधी सेवा बोइंग 787-800 ड्रीमलाइनर से होगी जिसमें कुल 256 यात्री सफर कर सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले साल दिल्ली से वाया एशिया होते हुए 1.40 लाख यात्रियों ने सिडनी तक सफर किया था। इसकी वजह यह भी कि आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में करीब 2.17 लाख भारतीय रहते हैं। 

Original Found Here... www.jagran.com/news/business-air-india-starts-delhi-sydney-flight-after-22-years-10684185.html
 

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